एग्रीश्योर (स्टार्ट-अप और ग्रामीण उद्यमों के लिए कृषि निधि) योजना - Ministry of Agriculture & Farmers Welfare | Current Affairs | Vision IAS

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एग्रीश्योर (स्टार्ट-अप और ग्रामीण उद्यमों के लिए कृषि निधि) योजना

अद्यतन: 28 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Agriculture & Farmers Welfare
लाभार्थी: Startups, Youth and Students

अवलोकन

इस कोष की अवधि समाप्त होने तक लगभग 85 स्टार्ट-अप्स को सहायता प्रदान की जाएगी।

स्मरणीय तथ्य

  • उद्देश्य: कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रकों में नवीन, प्रौद्योगिकी आधारित, उच्च जोखिम वाली और उच्च प्रभाव वाली गतिविधियों में सहायता करना। 
  • वित्त-पोषण स्रोत: भारत सरकार और नाबार्ड। 
  • निवेश प्रबंधक: नबवेंचर्स (NABVENTURES) लिमिटेड, जो कि नाबार्ड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। 
  • वित्त-पोषण की अवधि: 10 वर्ष 

अन्य उद्देश्य 

  • विविध वैकल्पिक निवेश कोषों (AIFs) में योगदान देकर कृषि और ग्रामीण स्टार्ट-अप इकोसिस्टम में अधिक निवेश आकर्षित करना।
  • कृषि उपज मूल्य श्रृंखला प्रणाली को मजबूत बनाने और कृषि-व्यवसाय के क्षेत्र में नए उद्यमियों को आकर्षित करने के लिए लाभदायक फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज प्रणालियों के अवसरों को बढ़ावा देना।
  • ग्रामीण और शहरी युवाओं के लिए अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा करना।
  • युवा पीढ़ी को कृषि को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना। 

प्रमुख विशेषताएं 

  • पृष्ठभूमि: 2022-23 के बजट में यह घोषणा की गई थी कि सह-निवेश मॉडल के तहत मिश्रित पूंजी वाला एक कोष नाबार्ड के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
    • इसका उद्देश्य कृषि एवं ग्रामीण उद्यम के लिए स्टार्ट-अप्स को वित्त-पोषित करना है, जो कृषि उपज मूल्य श्रृंखला के लिए उपयोगी है।
  • अपेक्षित लाभार्थी: इस कोष की अवधि समाप्त होने तक लगभग 85 स्टार्ट-अप्स को सहायता प्रदान की जाएगी।
    • कृषि और ग्रामीण विकास क्षेत्रक में कार्य करने वाले स्टार्ट-अप्स में फिलहाल निम्नलिखित शामिल हैं:- कृषि-तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा अन्य स्टार्ट-अप्स।
  • कोष की कानूनी स्थिति: कोष SEBI में श्रेणी-II वैकल्पिक निवेश कोष के रूप में पंजीकृत है।
  • इस कोष के तहत दो योजनाएं शुरू की गई हैं:
    • एग्रीश्योर - फंड्स ऑफ़ फंड (FoF)  योजना:
      • उद्देश्य:-श्रेणी I और श्रेणी II के ऐसे वैकल्पिक निवेश कोषों (AIFs) का वित्त-पोषण करना जो आगे प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रकों के स्टार्ट-अप्स में निवेश करते हैं।
      • सेबी-पंजीकृत क्षेत्र-विशिष्ट से परे, क्षेत्र-विशिष्ट और डेब्ट AIF में निवेश। 
  • कुल आवंटन: 450 करोड़ रुपये। किसी एक AIF में निवेश की अधिकतम सीमा- AIF के कोष का 5 प्रतिशत या 25 करोड़ रुपये, दोनों में से जो भी कम हो।
  • एग्रीश्योर- प्रत्यक्ष योजना:
    • उद्देश्य: इसका उद्देश्य भारत में निगमित और उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा मान्यता प्राप्त प्रारंभिक चरण के स्टार्ट-अप्स में प्रत्यक्ष इक्विटी निवेश करना। 
    • कुल आवंटन: 300 करोड़ रुपये।  
    • किसी एक स्टार्ट-अप में निवेश की अधिकतम सीमा: AIF विनियमों के अधीन 25 करोड़ रुपये।