ग्लॉ झील (Glaw Lake) अरुणाचल प्रदेश का पहला रामसर स्थल है।
ग्लॉ झील के बारे में
- अवस्थिति: यह झील अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में, पूर्वी हिमालय में कमलांग टाइगर रिजर्व और वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थित है।
- ध्यातव्य है कि पूर्वी हिमालय एक जैव विविधता हॉटस्पॉट है।
- झील का प्रकार: ताजे जल की झील।
- कमलांग नदी झील के उत्तर में बहती है।
- इसे “महत्वपूर्ण पक्षी और जैव विविधता क्षेत्र (IBA)” का दर्जा भी प्राप्त है।।
- पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्व:
- यह रामसर स्थल चार बिग कैट्स प्रजातियों को आश्रय देता है। ये हैं; बाघ, तेंदुआ, क्लाउडेड लेपर्ड, और हिम तेंदुआ।
- महत्त्वपूर्ण पर्यावास और शीतकालीन प्रवास स्थल: क्रिटिकली एंडेंजर्ड सफेद पेट वाले बगुले (White-bellied heron) के लिए।
- प्राप्त अन्य प्रमुख प्रजातियां: ग्रेट हॉर्नबिल, हूलॉक गिब्बन, एशियाई गोल्डन कैट, एशियाई काला भालू, बार्किंग डियर, आदि।
- पवित्र सांस्कृतिक स्थल: स्थानीय मिश्मी समुदाय के लिए।
रामसर कन्वेंशन क्या है?
- यह एक अंतर-सरकारी संधि है जो आर्द्रभूमियों यानी वेटलैंड्स और उनके संसाधनों के संरक्षण और विवेकपूर्ण उपयोग के लिए रूपरेखा प्रदान करती है।
- आर्द्रभूमि के विवेकपूर्ण उपयोग (Wise Use) का अर्थ है - आर्द्रभूमियों की पारिस्थितिक विशेषताओं को संरक्षित रखते हुए उनका संधारणीय विकास के अनुरूप पारितंत्र दृष्टिकोण से उपयोग करना।
- पृष्ठभूमि: इस कन्वेंशन को 1971 में ईरान के रामसर शहर में अपनाया गया था। यह 1975 में लागू हुआ।
- रामसर स्थल के बारे में: अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व वाली उपयुक्त आर्द्रभूमियों को रामसर सूची में शामिल किया जाता है।
- भारत में एशिया में सबसे अधिक और विश्व में तीसरे सबसे अधिक रामसर स्थल हैं।
- विश्व में सबसे अधिक रामसर स्थल यूनाइटेड किंगडम में है। दूसरे स्थान पर मेक्सिको है।
- सदस्यता: इस कन्वेंशन के 172 पक्षकार देश हैं। भारत ने 1982 में इस कन्वेंशन का अनुसमर्थन (Ratify) किया था।
आर्द्रभूमियों का महत्त्व | |
ताजे जल का भंडारण करती हैं तथा भूजल का पुनर्भरण करती हैं। | अतिरिक्त वर्षा जल को अवशोषित करके बाढ़ के खतरे को कम करती हैं। |
जल का प्राकृतिक रूप से निस्पंदन एवं शुद्धिकरण करती हैं। इसलिए इन्हें "पृथ्वी की किडनी" भी कहा जाता है। | बड़ी मात्रा में कार्बन का अवशोषण एवं भंडारण करती हैं, जिससे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में सहायता मिलती है। |
पौधों, पक्षियों, मछलियों एवं अन्य वन्य जीवों की असंख्य प्रजातियों को आश्रय प्रदान करती हैं। | मात्स्यिकी, सतत आजीविका एवं इको-टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय समुदायों की सहायता करती हैं। |