एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) - Ministry of Agriculture & Farmers Welfare | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH)

अद्यतन: 28 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Agriculture & Farmers Welfare
लाभार्थी: Farmers

अवलोकन

प्रमुख हस्तक्षेपों/ उपायों के लिए राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है।

स्मरणीय तथ्य

  • योजना का प्रकार: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
  • उद्देश्य: देश में बागवानी का समग्र विकास करना।
  • सहायता: प्रमुख हस्तक्षेपों/ उपायों के लिए राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है।
  • कवरेज: इसमें सभी राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश कवर किए गए हैं। 

अन्य उद्देश्य: 

  • ग्रोवर्स/ प्रोडूसर्स के लिए उचित लाभ सुनिश्चित करने हेतु उत्पादन, कटाई के बाद प्रबंधन, प्रसंस्करण और विपणन को शामिल करते हुए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना।
  • उत्पादन, कटाई-पश्चात प्रबंधन और प्रसंस्करण के लिए अनुसंधान एवं विकास प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना।
  • विविधीकरण (पारंपरिक फसलों से लेकर बागवानी, फूलों, अंगूर के बागों आदि तक) और किसानों को उपयुक्त प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराकर क्षेत्रफल, कवरेज और उत्पादकता में वृद्धि करना। 
  • सभी स्तरों पर क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास को बढ़ावा देना।
  • बागवानी उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि, किसानों के समूहन (Aggregation) को प्रोत्साहित करना और उनके कौशल विकास का समर्थन करना। 

प्रमुख विशेषताएं 

  • पृष्ठभूमि: यह योजना 2014-15 से लागू की जा रही है।
  • कवर की गई फसलें: फल, सब्जियां, कंद मूल वाली फसलें, मशरूम, मसाले, पुष्प, सुगंधित पौधे, नारियल, काजू, कोको, बांस।
  • वित्त-पोषण साझेदारी
    • पूर्वोत्तर और हिमालयी क्षेत्र के राज्यों को छोड़कर सभी राज्य:
      • भारत सरकार 60%
      • राज्य सरकारें 40%
    • पूर्वोत्तर और हिमालयी क्षेत्र के राज्य
      • भारत सरकार 90%
      • राज्य सरकारें 10%
    • राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB), नारियल विकास बोर्ड (CDB), केंद्रीय बागवानी संस्थान (CIH), नागालैंड और राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों (NLAs) के मामले में केंद्र 100% योगदान करेगा। 
  • उप-योजनाएं
    • राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM):  क्षेत्र आधारित व स्थानीय रूप से विभेदीकृत रणनीतियों के माध्यम से बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा देना।
    • पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए बागवानी मिशन (HMNEH): यह एक तकनीकी मिशन है, जो गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री के उत्पादन, जैविक कृषि, कुशल जल प्रबंधन इत्यादि पर केंद्रित है।
    • राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB):  बोर्ड द्वारा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं को लागू किया जा रहा है।
  • नारियल विकास बोर्ड {Coconut Development Board (CDB)}: नारियल विकास बोर्ड द्वारा देश के सभी नारियल उत्पादक राज्यों में MIDH के तहत विभिन्न योजनाओं को लागू किया जा रहा है।
  • केंद्रीय बागवानी संस्थान (CIH),  नागालैंड: इसे पूर्वोत्तर क्षेत्र में किसानों और क्षेत्रीय अधिकारियों की क्षमता के निर्माण तथा प्रशिक्षण के माध्यम से तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया था।
  • निगरानी: सचिव (DAC&FW) की अध्यक्षता वाली कार्यकारी समिति मिशन की प्रगति की निगरानी करती है।

MIDH के अधीन अन्य पहलें

  • चमन (CHAMAN) (जियोइंफॉर्मेटिक्स का उपयोग करके समन्वित बागवानी मूल्यांकन और प्रबंधन)
    • प्रमुख राज्यों (12 राज्यों, 185 जिलों) के चयनित जिलों में 7 प्रमुख बागवानी फसलों का क्षेत्र मूल्यांकन और उत्पादन पूर्वानुमान।
    • प्रमुख फसलें: आम, केला, चकोतरा, आलू, प्याज, मिर्च और टमाटर।
    • कार्य योजनाएं तैयार करने हेतु भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) और रिमोट सेंसिंग डेटा का उपयोग।
  • हॉर्टनेट (HORTNET)
    • हॉर्टनेट परियोजना MIDH के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए वेब सक्षम कार्य प्रवाह आधारित प्रणाली है।
    • लक्ष्य: इसे राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) के अंतर्गत ई-गवर्नेंस के संपूर्ण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए संचालित किया गया है। साथ ही, इसके अंतर्गत कार्यप्रवाह की सभी प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता की परिकल्पना की गई है,  यथा- ऑनलाइन आवेदन पंजीकरण, प्रमाणीकरण, तथा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में ऑनलाइन भुगतान आदि।