किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) - Ministry of Agriculture & Farmers Welfare | Current Affairs | Vision IAS

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किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)

अद्यतन: 27 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Agriculture & Farmers Welfare
लाभार्थी: Farmers

अवलोकन

उद्देश्य: खेती के अलग-अलग चरणों में किसानों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना।

स्मरणीय तथ्य

  • उद्देश्य: खेती के अलग-अलग चरणों में किसानों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना।
  • कार्यान्वयन एजेंसी: वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs), लघु वित्त बैंक और सहकारी समितियां इसकी कार्यान्वयन एजेंसियां हैं।
  • लाभार्थी: सभी किसान- व्यक्तिगत/ संयुक्त उधारकर्ता जिनके पास भू-स्वामित्व है; काश्तकार किसान, अलिखित पट्टेदार और बटाईदार; काश्तकार किसान, बटाईदार किसान सहित किसानों के स्वयं सहायता समूह (SHGs) या संयुक्त देयता समूह (JLGs) आदि।
  • संबद्ध क्षेत्र कवरेज: पशुपालन और मत्स्य पालन से संबंधित क्षेत्रक।

अन्य उद्देश्य

  • निम्नलिखित के लिए के लिए लचीली और सरलीकृत प्रक्रिया के साथ एकल विंडो के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली से पर्याप्त और समय पर ऋण सहायता:
    • फसलों की कृषि और फसल कटाई के बाद के व्यय के लिए अल्पावधि ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए;
    • फसलोपरांत जुड़े व्यय के लिए,
    • कृषि उपज के विपणन हेतु ऋण के लिए, 
    • किसान परिवारों की उपभोग आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए;
    • कृषि परिसंपत्तियों के रखरखाव हेतु कार्यशील पूंजी के लिए, 
    • कृषि और संबद्ध गतिविधियों के निवेश संबंधी ऋण की आवश्यकता के लिए। 

 प्रमुख विशेषताएं

  • अल्पकालिक ऋण   
    • 1.6 लाख रुपये तक का जमानत (संपार्श्विक) रहित ऋण
    • कोई प्रक्रियागत शुल्क नहीं
    • तीन लाख रुपये तक के तात्कालिक उधारकर्ताओं के लिए तीन प्रतिशत तक का ब्याज अनुदान। 
    • ऋण का प्रीमियम: बैंक और उधारकर्ता दोनों द्वारा वहन (क्रमशः 2:1 के अनुपात में)।
  • दीर्घकालीन ऋण
    • दीर्घावधि ऋण सीमा अंश: कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए निवेश ऋण की आवश्यकता के लिए।
  • जोखिम कवरेज
    • KCC धारक को बाहरी, हिंसक और दृश्य साधनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं के परिणामस्वरूप मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता।
  • अन्य सुविधाएं