प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) - Ministry of Agriculture & Farmers Welfare | Current Affairs | Vision IAS

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान)

अद्यतन: 28 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Agriculture & Farmers Welfare
लाभार्थी: Farmers

अवलोकन

पीएम-किसान योजना एक केंद्रीय क्षेत्र की पहल है जो पात्र भूमिधारक किसान परिवारों की आय और इनपुट आवश्यकताओं का समर्थन करने के लिए तीन किस्तों में सालाना 6,000 रुपये प्रदान करती है।

स्मरणीय तथ्य

  • योजना के उद्देश्य: अलग-अलग कृषि आदानों (इनपुट्स) की खरीद के लिए सभी भूमि धारक किसानों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना। 
  • योजना का प्रकार: यह केंद्रीय क्षेत्रक की एक योजना है। 
  • लाभार्थी: कुछ अपवादों को छोड़कर सभी भूमि-धारक किसान।
  • योजना के लाभ: इसके तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष, प्रत्येक चार महीने में 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में 6,000 रुपये दिए जाते हैं। 

अन्य उद्देश्य: इस योजना का मुख्य उद्देश्य सभी पात्र भूमि धारक किसान परिवारों को आय सहायता प्रदान करना है। परिवार की परिभाषा में पति, पत्नी और उनके नाबालिग बच्चे शामिल हैं।

प्रमुख विशेषताएं

  • लाभार्थी कृषक परिवारों की पहचान: इनकी पहचान राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा की जाती है।
  • स्व-पंजीकरण तंत्र: मोबाइल ऐप, पी.एम. किसान पोर्टल और कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSCs) में जाकर
  • अनिवार्य भूमि अभिलेख/ स्वत्वाधिकार (Land records): इस योजना का लाभ केवल उन्हीं कृषक परिवारों को मिलेगा, जिनके नाम भू-अभिलेखों में दर्ज हैं। इसके अपवाद हैं- वन निवासी तथा पूर्वोत्तर राज्य और झारखंड, जहां भूमि अभिलेखों के लिए अलग प्रावधान हैं।
  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC):  पी.एम.-किसान के सभी लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)  दिए जाएंगे। KCC  के जरिए समय पर पुनर्भुगतान करने पर अधिकतम 4%  ब्याज के साथ फसल और पशु/ मछली पालन के लिए ऋण दिया जाता है।
  • धन के विचलन या दुरुपयोग की रोकथाम: भौतिक सत्यापन मॉड्यूल (5% लाभार्थियों का), आधार प्रमाणीकरण और आयकर दाता सत्यापन।
  • परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU): PMU को केंद्रीय स्तर पर स्थापित किया गया है। यह योजना की समग्र निगरानी के लिए जिम्मेदार है।  
  • शिकायत निवारण: निगरानी और शिकायत निवारण समिति को प्राप्त होने वाली किसी भी शिकायत या प्रतिवेदन को दो सप्ताह के भीतर प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाना चाहिए।
  • योजना से बाहर रखे गए किसान: ऐसे किसान जिनकी आय अधिक है वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे।