राष्ट्रीय कृषि विस्तार और प्रौद्योगिकी मिशन (NMAET)
अद्यतन: 28 Nov 2025अवलोकन
उद्देश्य: प्रौद्योगिकी प्रसार के लिए नई संस्थागत व्यवस्थाओं के माध्यम से विस्तार प्रणाली को किसान आधारित और किसानों के प्रति जवाबदेह बनाना।
- योजना का प्रकार: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
- उद्देश्य: प्रौद्योगिकी प्रसार के लिए नई संस्थागत व्यवस्थाओं के माध्यम से विस्तार प्रणाली को किसान आधारित और किसानों के प्रति जवाबदेह बनाना।
- इसेकृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (ATMA) के तहत प्रारंभ किया गया है।
- इसमें उचित रूप से निम्नलिखित शामिल हैं-
- सूचना प्रसार के लिए व्यापक भौतिक पहुंच और प्रसार के इंटरैक्टिव तरीके, ICT का उपयोग, मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए संस्थान को मजबूत करना, तथा
- किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के गठन के लिए किसानों को हित समूहों (FIGs) में एकजुट करने के प्रयास करना।
- मुख्य घटक
- कृषि विस्तार पर उप मिशन (SMAE): यह कृषि और संबद्ध क्षेत्रकों में जागरूकता निर्माण तथा उपयुक्त प्रौद्योगिकियों के उपयोग को बढ़ाने पर केंद्रित है।
- कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन (SMAM): इसमें 'कस्टम हायरिंग सेंटर (CHCs)' और 'हाई-वैल्यू मशीनों के हाई-टेक हब' की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
- बीज और रोपण सामग्री पर उप मिशन (SMSP): यह बीज ग्राम कार्यक्रम, बीज प्रसंस्करण-सह-बीज भंडारण गोदामों, राष्ट्रीय बीज रिज़र्व आदि की स्थापना के माध्यम से किसानों के लिए गुणवत्तापूर्ण बीजों का उत्पादन और आपूर्ति करेगा।
- पौध संरक्षण और पौध संगरोध पर उप मिशन (SMPP): यह जैव-सुरक्षा को विदेशी प्रजातियों के हमले और उसके प्रसार से बचाने के लिए विनियामक, निगरानी तथा क्षमता निर्माण से संबंधित कार्यों का निष्पादन करेगा।