राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) - Ministry of Ayush | Current Affairs | Vision IAS

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राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM)

अद्यतन: 28 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Ayush
लाभार्थी: Miscellaneous

अवलोकन

राष्ट्रीय आयुष मिशन एक केन्द्र प्रायोजित योजना है जो आयुष स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करके, औषधीय पौधों की खेती को समर्थन देकर और आयुष प्रणालियों को सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में एकीकृत करके समग्र कल्याण और स्व-देखभाल को बढ़ावा देती है।

स्मरणीय तथ्य

  • योजना का प्रकार: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है। 
  • लक्ष्य: इसका उद्देश्य रोग के बोझ को कम करने के लिए समग्र कल्याण और "सेल्फ-केयर" को बढ़ावा देना है। 
  • आयुष (AYUSH): आयुर्वेदयोग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध एवं सोवा-रिग्पा तथा होम्योपैथी।
  • योजना की अवधि: वर्ष 2015 से 2025-26 तक। 

अन्य उद्देश्य

  • लागत प्रभावी आयुष सेवाएं प्रदान करना और औषधीय पादपों की कृषि को समर्थन प्रदान करना।
  • कलस्टरों की स्थापना तथा उद्यमियों के लिए अवसंरचना का विकास करना।
  • बीमारी के बोझ और जेब से होने वाले खर्चों को कम करने के लिए आयुष स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों के माध्यम से एक समग्र कल्याण मॉडल स्थापित करना।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और जिला अस्पतालों (DHs) में आयुष सुविधाओं की एक ही जगह पर उपलब्धता के माध्यम से जरूरतमंद जनता को तथ्य आधारित विकल्प प्रदान करना। इसके परिणामस्वरूप, चिकित्सा में बहुलवाद का प्रसार होगा।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (NHP), 2017 के अनुसार लोक स्वास्थ्य में आयुष की भूमिका पर जोर देना।

योजना की मुख्य विशेषताएं

  • आयुष (AYUSH): यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और स्वास्थ्य देखभाल विरासत का एक अभिन्न अंग है। ये चिकित्सा पद्धतियां प्राचीन ज्ञान और प्रथाओं से प्रेरित होकर स्वास्थ्य एवं कल्याण पर अद्वितीय परिप्रेक्ष्य प्रदान करती हैं।
  • पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) को 2014 में शुरू किया गया था। इससे पहले आयुष को बढ़ावा देने से संबंधित पहलों को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) के साथ एकीकृत किया गया था। 
  • अनिवार्य घटक:
    • आयुष द्वारा प्रदत सेवाएं: लागत प्रभावी आयुष सेवाएं निम्नलिखित के द्वारा प्रदान की जाती है:-
      • आयुष अस्पतालों और औषधालयों के उन्नयन के माध्यम से सार्वभौमिक पहुंच के द्वारा; 
      • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और जिला अस्पतालों (DHs) में आयुष सुविधाओं की सह-स्थापना करके;
      • 10 बिस्तरों वाले/ 30 बिस्तरों वाले/ 50 बिस्तरों वाले एकीकृत आयुष अस्पतालों की स्थापना करके;
      • आयुष सिद्धांतों में अंतर्निहित समग्र कल्याण मॉडल पर आधारित सेवाएं प्रदान करने के लिए आयुष स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों के एक नेटवर्क को संचालित करके आदि। 
        • आयुष्मान भारत के 12,500 आयुष स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर नाम दिया गया है। इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को 2023-24 तक 5 साल की अवधि के लिए NAM के माध्यम से शुरू किया जाएगा।
    • AYUSH शिक्षण संस्थान: 
      • सरकारी/ सरकारी सहायता प्राप्त आयुष स्नातक (UG) के साथ-साथ स्नातकोत्तर (PG) शैक्षणिक संस्थानों को अपग्रेड करना।
      • ऐसे राज्यों में नए आयुष कॉलेजों की स्थापना के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करना, जहां सरकारी आयुष शिक्षण संस्थानों की उपलब्धता अपर्याप्त है।
  • घटकों में लचीलापन: राज्य कोष में उपलब्ध कुल धनराशि में से 25% धनराशि के लिए लचीलापन होगा। इससे उन निधियों का निर्धारण किया जा सकेगा।
  • प्रदर्शन-आधारित बजटिंग: फ्लेक्सीपूल बजट के कुल आवंटन का 20% अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को उसी अनुपात में आवंटित किया जाएगा, जिसमें NAM का मुख्य बजट आवंटित किया जाता है।
  • निगरानी और मूल्यांकन:
    • आयुष मंत्रालय ने राज्य की वार्षिक कार्य योजना (SAAPs), अनुमोदित गतिविधियों की भौतिक और वित्तीय प्रगति रिपोर्ट, यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट्स (UCs) जमा करने आदि के लिए एक समर्पित NAM वेब पोर्टल बनाया है।
    • राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक आधार पर भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की रिपोर्ट आयुष मंत्रालय को देनी होती है।