पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) योजना - Ministry of Chemicals & Fertilizers | Current Affairs | Vision IAS

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पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) योजना

अद्यतन: 27 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Chemicals & Fertilizers
लाभार्थी: Farmers

अवलोकन

NBS के अलावा, देश में उर्वरकों की व्यापक उपलब्धता के लिए रेल और सड़क मार्ग द्वारा विनियंत्रित उर्वरकों की आवाजाही और वितरण के लिए माल भाड़ा प्रदान किया जाता है।

स्मरणीय तथ्य 

  • योजना का उद्देश्य: किसानों को रियायती कीमतों पर उर्वरक उपलब्ध कराना।
  • योजना का प्रकार: यह केंद्रीय क्षेत्रक की एक योजना है।
  • अंतर-मंत्रालयी समिति (IMC): वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले 'N', 'P', 'K' और 'S' के लिए प्रति पोषक तत्व आधारित सब्सिडी की सिफारिश करती है।
  • माल भाड़े में छूट: NBS के अलावा, देश में उर्वरकों की व्यापक उपलब्धता के लिए रेल और सड़क मार्ग द्वारा विनियंत्रित उर्वरकों की आवाजाही और वितरण के लिए माल भाड़ा प्रदान किया जाता है।

अन्य उद्देश्य 

राष्ट्र की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, कृषि उत्पादकता में सुधार करना और उर्वरकों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करना।

योजना की मुख्य विशेषताएं

  • पृष्ठभूमि: 1992  में, केंद्र ने फॉस्फेट और पोटाश (P&K)  उर्वरकों को विनियमन से मुक्त कर दिया था। इससे उनकी कीमतें बढ़ गई थीं। 
  • इसके परिणामस्वरूप, किसानों ने नाइट्रोजन (N)  का अत्यधिक उपयोग किया, जिसकी कीमत अभी भी नियंत्रित थी। इससे मिट्टी के पोषक तत्वों (N, P, और K) में असंतुलन पैदा हो गया था। इससे मिट्टी की उत्पादकता कम हो गई। 
  • इसका समाधान करने के लिए कृषि और सहकारिता विभाग ने तदर्थ आधार पर (1992 से 2010 तक) अनियंत्रित P&K उर्वरकों के लिए एक रियायत योजना की शुरुआत की थी।
  • वर्ष 2010 में, सरकार ने NBS योजना शुरू की थी। 
  • पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) का अर्थ: समग्र रूप से उर्वरकों पर सब्सिडी प्रदान करने की बजाय नाइट्रोजन (N),  फास्फोरस (P),  पोटाश (K)  और सल्फर (S) जैसे पोषक तत्वों की मात्रा के आधार पर सब्सिडी प्रदान की जाती है, जो कि पौधों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
  • NBS  के लिए सब्सिडी भुगतान
    • अंतर-मंत्रालयी समिति (IMC) वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले सब्सिडी की सिफारिश करती है। 
    • IMC की सिफारिश के आधार पर NBS  के लिए प्रत्येक पोषक तत्व अर्थात 'N', 'P', 'K' और 'S' पर वार्षिक भुगतान किया जाता है।
    • IMC द्वितीयक ('S' के अलावा) और सूक्ष्म पोषक तत्वों वाले फोर्टिफाइड सब्सिडी युक्त उर्वरकों पर प्रति टन अतिरिक्त सब्सिडी की भी सिफारिश करती है।
  • अनुकूलित उर्वरकों के लिए सब्सिडी: अनुकूलित उर्वरकों और मिश्रित उर्वरकों के विनिर्माता विनिर्माताओं/ आयातकों से सब्सिडी वाले उर्वरक प्राप्त करने के पात्र हैं।
    • अनुकूलित उर्वरकों और मिश्रित उर्वरकों की बिक्री पर कोई अलग से सब्सिडी प्रदान नहीं की जाती है।
  • प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT): DBT के माध्यम से उर्वरक कंपनियों को सब्सिडी दी जाती है। इसे बाद में कम खुदरा कीमतों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाता है।
  • एकीकृत उर्वरक निगरानी प्रणाली (Integrated Fertilizer Monitoring System: iFMS): यह 2016 में शुरू की गई एक IT सक्षम प्रणाली है। यह उत्पादन, आवाजाही, उपलब्धता, आवश्यकता, बिक्री, सब्सिडी बिल जनरेशन आदि से लेकर उर्वरक कंपनियों को सब्सिडी भुगतान तक के मामले में उर्वरकों के लिए शुरू से अंत तक विवरण प्राप्त करती है।