उत्तर-पूर्व परिवर्तनकारी औद्योगीकरण योजना, 2024 (उन्नति 2024) - Ministry of Commerce & Industry | Current Affairs | Vision IAS

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उत्तर-पूर्व परिवर्तनकारी औद्योगीकरण योजना, 2024 (उन्नति 2024)

अद्यतन: 26 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Commerce & Industry
लाभार्थी: Miscellaneous

अवलोकन

इस योजना का उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत में औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत करना और नए निवेश आकर्षित करना है। NEDFi द्वारा प्रबंधित इस योजना का उद्देश्य 2034 तक रोज़गार सृजन और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति प्रदान करना है।

स्मरणीय तथ्य

  • उद्देश्य: पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों में उद्योगों का विकास एवं रोजगार का सृजन करना।
  • योजना का प्रकार: यह केंद्रीय क्षेत्रक की एक योजना है।
  • अवधि: यह योजना 2034 तक के लिए है, जिसमें 8 वर्ष की प्रतिबद्ध देयता या जवाबदेही शामिल है।
  • नोडल एजेंसी: प्रोत्साहन राशि के वितरण के लिए पूर्वोत्तर विकास वित्त निगम लिमिटेड (NEDFi)।

अन्य उद्देश्य 

  • सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए स्थायी आय वाला रोजगार सृजित करना।

प्रमुख विशेषताएं

  • औद्योगिक विस्तार को समर्थन देने तथा विनिर्माण और सेवा क्षेत्रकों में परिचालन को सुचारू बनाने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करना।
  • योजना का प्रारंभ और अवधि:
    • पंजीकरण अवधि: औद्योगिक इकाइयां अधिसूचना की तिथि से 31 मार्च, 2026 तक पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकती हैं।
    • उत्पादन या संचालन की शुरुआत: सभी पात्र औद्योगिक इकाइयों को पंजीकरण होने के 4 वर्ष के भीतर अपना उत्पादन या संचालन शुरू करना होगा।
  • जिलों को दो क्षेत्रों (Zones)  में वर्गीकृत किया गया है:
    • जोन A: औद्योगिक रूप से विकसित जिले
    • जोन B: औद्योगिक रूप से पिछड़े जिले
  • निधियों का आवंटन:  भाग A के परिव्यय का 60 प्रतिशत 8 पूर्वोत्तर राज्यों के लिए, जबकि शेष 40% फर्स्ट-इन-फर्स्ट-आउट (FIFO)  आधार पर निर्धारित किया जाएगा।