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भारतनेट

अद्यतन: 26 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Communications
लाभार्थी: Village Panchayats

अवलोकन

इस परियोजना के जरिए ग्रामीण भारत में ई-गवर्नेंस, ई-स्वास्थ्य, ई-शिक्षा, ई-बैंकिंग, सार्वजनिक इंटरनेट एक्सेस, G2C, B2B, P2P, B2C आदि सुगम होंगे। साथ ही, मौसम, कृषि और अन्य संबंधी सेवाएं भी प्राप्त होंगी।

स्मरणीय तथ्य

  • योजना का प्रकार: यह केंद्रीय क्षेत्रक की एक योजना है। 
  • लक्ष्य: देश की सभी ग्राम पंचायतों को लास्ट माइल कनेक्टिविटी प्रदान करना। 
  • वित्त-पोषण: सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (USOF) के जरिये।
  • कार्यान्वयन एजेंसी: भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क (2022 में BSNL के साथ इसका विलय कर दिया गया)।

उद्देश्य: 

डिजिटल इंडिया के विज़न को साकार करने के लिए देश की सभी ग्राम पंचायतों (लगभग 2.6 लाख) को 100 Mbps बैंडविड्थ की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना।

योजना की मुख्य विशेषताएं

  • पृष्ठभूमि:
  • इस योजना के तीसरे चरण को निम्नलिखित तीन चरणों में लागू किया जा रहा है। इस चरण को 2025 तक लागू किया जाएगा- 
    • चरण 1: भारतनेट के पहले चरण के तहत 1.23 लाख ग्राम पंचायतों में से लगभग 1.22 लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड सेवा के लिए तैयार किया गया था। 
    • चरण 2: 1.44 लाख निर्धारित ग्राम पंचायतों  में से 71,000 से अधिक ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड सेवा के लिए तैयार कर दिया गया है। 
    • चरण 3: अत्याधुनिक, भविष्य के लिए तैयार नेटवर्क।
  • एप्रोच: 
    • योजना के कार्यान्वयन लिए ग्राम-स्तरीय उद्यमियों (Village Level Entrepreneurs: VLEs) के जरिए लास्ट माइल फाइबर कनेक्शन प्रदान किया जा रहा है। VLEs 50:50 के अनुपात में राजस्व-साझाकरण के आधार पर घरों तक फाइबर कनेक्शन पहुंचाएंगे। VLEs को उद्यमी के नाम से जाना जाता है।
    • BBNL द्वारा VLEs को राउटर और अतिरिक्त फाइबर ऑप्टिक्स केबल सहित आवश्यक उपकरण प्रदान किए जाएंगे।
  • सैटेलाइट कनेक्टिविटी: भारतनेट परियोजना के तहत जीसैट-11 और जीसैट-19 के जरिए लगभग 6,700 दुर्गम ग्राम पंचायतों/ क्षेत्रों को कनेक्टिविटी प्रदान की जा जाएगी। गौरतलब है कि इन क्षेत्रों का किसी अन्य माध्यम से जुड़ाव नहीं रहा है।
  • अन्य सुविधाएं :
    • राष्ट्रीय महत्त्व की परियोजना: यह नेटवर्क एक राष्ट्रीय संपत्ति बना रहेगा। इसके संचालन और रख-रखाव का काम राज्यों द्वारा किया जा सकता है।
    • निजी क्षेत्र का लाभ उठाना: संचालन, रख-रखाव, उपयोग और राजस्व सृजन के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल।।
    • अब ब्रॉडबैंड/ इंटरनेट सेवाओं के लिए निर्मित अवसंरचना के इस्तेमाल पर बल दिया जा रहा है। वाई-फाई हॉटस्पॉट, फाइबर टू द होम (FTTH)  कनेक्शन आदि की सहायता से इसका लाभ उठाया जाएगा।
  • अन्य लाभ: इस परियोजना के जरिए ग्रामीण भारत में ई-गवर्नेंस, ई-स्वास्थ्य, ई-शिक्षा, ई-बैंकिंग, सार्वजनिक इंटरनेट एक्सेस, G2C, B2B, P2P, B2C आदि सुगम होंगे। साथ ही, मौसम, कृषि और अन्य संबंधी सेवाएं भी प्राप्त होंगी।