डेयरी सहकार योजना - Ministry of Cooperation | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

डेयरी सहकार योजना

अद्यतन: 26 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Cooperation
लाभार्थी: Farmers

अवलोकन

यह सहकारी समितियों को ESG (पर्यावरण, संधारणीयता और गवर्नेंस) से जुड़ी गतिविधियों में उच्च परिणाम प्राप्त करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता संबंधी फ्रेमवर्क पर केंद्रित है। साथ ही, “किसानों की आय को दोगुना करने के लिए सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

स्मरणीय तथ्य

  • उद्देश्य: "सहकार से समृद्धि तक" दृष्टिकोण को साकार करना।  
  • परियोजना लागत सीमा: परियोजना लागत की कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा नहीं है। 
  • कार्यान्वयन एजेंसी: राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) कार्यान्वयन एजेंसी है। 
  • अवधि: वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26 तक। 

अन्य उद्देश्य

यह सहकारी समितियों को ESG (पर्यावरण, संधारणीयता और गवर्नेंस) से जुड़ी गतिविधियों में उच्च परिणाम प्राप्त करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता संबंधी फ्रेमवर्क पर केंद्रित है। साथ ही, "किसानों की आय को दोगुना करने के लिए सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 

प्रमुख विशेषताएं

  • योग्यता
    • पंजीकृत कोई सहकारी समिति या 
    • कोई भी FPO/SCH (सहकारी), जिसके उप-नियमों में डेयरी से संबंधित गतिविधियों को संपन्न करने के लिए उपयुक्त प्रावधान हों
  • वित्तीय सहयोग 
    • NCDC द्वारा विस्तारित।
    • गोजातीय विकास, खरीद, प्रसंस्करण, गुणवत्ता आश्वासन जैसी गतिविधियों के लिए।
    • ऋण अवधि: 5 से 8 वर्ष, जिसमें मूलधन के भुगतान पर 1 से 3 वर्ष का ऋण स्थगन (moratorium) शामिल है।
  • सहायता प्रतिरूप: राज्य सरकारों/ केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के माध्यम से या NCDC के प्रत्यक्ष वित्त पोषण दिशा-निर्देशों और पात्र योजना के मानदंडों को पूरा करने वाली सहकारी समितियों के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी।
  • अन्य मुख्य प्रावधान 
    • गुरुग्राम स्थित लक्ष्मणराव इनामदार राष्ट्रीय सहकारी अनुसंधान और विकास अकादमी (LINAC) के माध्यम से सहकारी समितियों की क्षमता का निर्माण करना। 
    • केंद्र या राज्य या कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व तंत्र की अन्य पहलों के साथ अभिसरण। 

NCDC के बारे में 

  • NCDC को भारत सरकार ने वर्ष 1963 में संसद के एक अधिनियम के तहत स्थापित किया था। यह मुख्य रूप से स्थानीय, जिला, शीर्ष/ बहु-राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहकारी समितियों के लिए स्थापित एक शीर्ष स्तर की वैधानिक स्वायत्त संस्था है।
  • यह सरकार के किसी भी बजटीय समर्थन के बिना, खुले बाजार के सिद्धांतों पर कार्य करता है।