एसिंग डेवलपमेंट ऑफ इनोवेटिव टेक्नॉलजिस विद iDEX (ADITI) योजना - Ministry of Defence | Current Affairs | Vision IAS

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एसिंग डेवलपमेंट ऑफ इनोवेटिव टेक्नॉलजिस विद iDEX (ADITI) योजना

अद्यतन: 26 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Defence
लाभार्थी: Miscellaneous

अवलोकन

जिन क्षेत्रों में देश के पास मौजूदा क्षमताएं नहीं हैं, वहां लगभग 30 डीप-टेक आधारित महत्वपूर्ण और रणनीतिक प्रौद्योगिकियों का विकास करना।

स्मरणीय तथ्य 

  • उद्देश्य: जिन क्षेत्रों में देश के पास मौजूदा क्षमताएं नहीं हैं, वहां लगभग 30 डीप-टेक आधारित महत्वपूर्ण और रणनीतिक प्रौद्योगिकियों का विकास करना।
  • योजना के घटक: ADITI योजना के विजेताओं और पार्टनर इन्क्यूबेटर्स (PIs) को अनुदान सहायता।
  • शामिल प्रौद्योगिकियां: इसमें ऐसी प्रौद्योगिकियां शामिल हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, लेकिन भारत में इनके उत्पादन के लिए पहले से विनिर्माण संबंधी क्षमताएं नहीं हैं।
  • योजनावधि: वित्त वर्ष 2023-2024 से वित्त वर्ष 2025-2026 तक।

अन्य उद्देश्य 

  • अत्यंत महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों का स्वदेशीकरण करना और विदेशी "मूल उपकरण विनिर्माताओं (OEMs)" पर निर्भरता को कम करना।
  • ADITI योजना के तहत महत्वपूर्ण और उन्नत प्रौद्योगिकियों को सर्पिल या कुंडलित विकास (Spiral Development Model) द्वारा बढ़ावा देना। साथ ही, मौजूदा iDEX योजना के तहत विकसित उत्पादों/ प्रौद्योगिकियों के सर्पिल विकास द्वारा बढ़ावा देना व अनुपूरित करना।
  • "टेक्नोलॉजी वॉच टूल" बनाना और प्रौद्योगिकी दूरदर्शी कार्यशालाओं का आयोजन करना।

योजना की मुख्य विशेषताएं 

  • AIDITI योजना की पृष्ठभूमि: ADITI योजना रक्षा उत्पादन विभाग (DDP) द्वारा iDEX फ्रेमवर्क के तहत एक उप-योजना है।

ADITI चैलेंज: 

  • विजेता: प्रत्येक ADITI चैलेंज में अधिकतम दो विजेताओं के लिए समर्थन का प्रावधान किया गया है। किसी आवेदक को एक समय में केवल एक ही ADITI चैलेंज में पुरस्कृत किया जाएगा।
  • स्कोप: ADITI योजना में ADITI की मंजूरी की तारीख के बाद शुरू किए गए iDEX प्राइम श्रेणी के चैलेंजज़ को शामिल किया जाएगा। 
  • पार्टनर इन्क्यूबेटर्स (PIs): योजना की अवधि के दौरान विशेष विशेषज्ञता वाले लगभग 10 पार्टनर इन्क्यूबेटर्स का नेटवर्क विकसित किया जाएगा। ये पार्टनर इन्क्यूबेटर्स विशेष सहायता और व्यावसायिक सलाह प्रदान करेंगे।
  • वित्तीय सहायता (सहायता अनुदान):
    • ADITI योजना के विजेताओं को सहायता अनुदान: हस्ताक्षर किए जाने वाले अनुबंधों के लिए प्रति विजेता 25 करोड़ रुपये की उच्चतम सीमा के साथ उत्पाद विकास बजट के 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा।
    • पार्टनर इनक्यूबेटर्स (PIs)  को सहायता अनुदान:
      • इस परियोजना में 6 प्रमुख उपलब्धियों/ चरणों को शामिल किया गया है। इनमें से प्रत्येक चरण के लिए भुगतान की उच्चतम सीमा 1,50,000 रुपये निर्धारित की गई है।
        • ऐसा अनुमान है कि यह भुगतान पार्टनर इन्क्यूबेटर्स को उनके संबंधित चैलेंज के विजेता की प्रत्येक चरण की सुविधा/ पूर्णता के आधार पर प्रदान किया जाएगा।
  • क्रियाकलाप (Activity)  आधारित सहायता:-
    • रक्षा क्षेत्रक की तकनीकी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए निकटवर्ती इलाकों से स्टार्ट-अप्स को संबद्ध करना।
    • मेंटरशिप प्रदान करना। 
    • इकोसिस्टम को मजबूत करना।
  • निगरानी: रक्षा नवाचार संगठन (DIO) द्वारा पार्टनर इंक्यूबेटर्स (PIs) के माध्यम से अनुदान के उपयोग और प्रगति की निगरानी की जाएगी।

ADITI चैलेंज के लिए पात्रता:

  • ऐसे स्टार्ट-अप्स जो उद्योग संवर्द्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) की परिभाषा के दायरे में आते हैं और मान्यता प्राप्त हैं।
  • कंपनी अधिनियम 1956/ 2013 के तहत पंजीकृत या निगमित कोई भी भारतीय कंपनी। इनमें मुख्य रूप से MSME अधिनियम, 2006 के तहत MSME के रूप में परिभाषित कंपनियां शामिल होंगी।
  • स्टार्ट-अप/ MSME  के रूप में पंजीकृत अलग-अलग नवोन्मेषक। अनुसंधान और शैक्षणिक संस्थान भी इस श्रेणी के तहत आवेदन कर सकते हैं।
  • iDEX पार्टनर इन्क्यूबेटर्स (PIs)  के रूप में अनुदान प्राप्त करने के लिए पात्रता
    • कानूनी स्थिति: आवेदक इनक्यूबेटर को भारत में सार्वजनिक, निजी या सार्वजनिक-निजी भागीदारी मोड में एक कानूनी संस्था के रूप में पंजीकृत होना चाहिए। साथ ही, भारत सरकार से अनुदान सहायता प्राप्त की हो या कर रहा हो।
    • अनुभव:
      • इनक्यूबेटर को कम-से-कम 5 वर्षों तक संचालित किया जाना चाहिए। 
      • साथ ही, कम-से-कम 10 रक्षा-संबंधी स्टार्ट-अप्स को इनक्यूबेट या वित्त पोषित करना चाहिए।
      • इसके द्वारा पिछले 3 वर्षों में कम-से-कम 5 स्टार्ट-अप्स इन्क्यूबेट होने चाहिए। इसके अलावा, ये परिचालन में होना चाहिए।
      • इसने पिछले 5 वर्षों में कम-से-कम 2 क्षेत्रक-केंद्रित त्वरक कार्यक्रमों (प्राथमिक रूप से डीप टेक, डिफेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/ मशीन लर्निंग, साइबर आदि में) को प्रबंधित किया हो।
    • संसाधन: आवेदन करने वाले इनक्यूबेटर के पास इससे संबद्ध स्टार्ट-अप्स के लिए कम-से-कम 25 मेंटर होने चाहिए। इनमें से कम-से-कम 5 रक्षा या एयरोस्पेस क्षेत्रक में लघु व मध्यम उद्यम (SMEs) होने चाहिए तथा कम-से-कम 2 निवेश विशेषज्ञ/ निवेशक होने चाहिए।
    • नेटवर्किंग: ADITI के विजेताओं का समर्थन करने के लिए पार्टनर इन्क्यूबेटर्स के पास पर्याप्त बाह्य सहायता प्रणाली होनी चाहिए। बाह्य सहायता प्रणाली से तात्पर्य उद्योग, शिक्षा जगत व सरकारी संस्थानों के साथ सहयोग से है।