प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान योजना (PM-USHA) - Ministry of Education | Current Affairs | Vision IAS

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प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान योजना (PM-USHA)

अद्यतन: 25 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Education
लाभार्थी: Youth and Students

अवलोकन

लक्ष्य: मौजूदा राज्य उच्चतर शिक्षण संस्थानों (राज्य HEIs) की समग्र गुणवत्ता में सुधार करना।

स्मरणीय तथ्य

  • उद्देश्य: ऐसे क्षेत्र जहां कोई उच्चतर शिक्षण संस्थान नहीं हैं या कम हैं, उनकी आवश्यकताओं को पूरा करना।
  • प्रकार: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है। 
  • कवरेज: यह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों को कवर करती है।
  • अवधि : 2023-24 से 2025-26

योजना के अन्य उद्देश्य 

  • मौजूदा राज्य उच्चतर शिक्षण संस्थानों (राज्य HEIs) की समग्र गुणवत्ता में सुधार करना।
  • राज्य उच्चतर शिक्षण संस्थानों को वित्त आवंटन सहायता के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों को लागू करना।
  • मान्यता प्राप्त संस्थानों की प्रत्यायन स्थिति (एक्रीडिटेशन) में सुधार करना और गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों के लिए प्रत्यायन स्टेटस प्राप्त करना।
  • एक तरफ स्कूली शिक्षा के साथ पिछली और अगली कड़ियों को जोड़ना तो दूसरी तरफ इसे रोजगार बाजार से जोड़ना
  • चिन्हित  राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में शिक्षा के ODL/ ऑनलाइन/ डिजिटल मोड के लिए अवसंरचना का विकास करना।
  • सामाजिक रूप से वंचित समुदायों को उच्चतर शिक्षा हेतु पर्याप्त अवसर प्रदान करना।
  • कम सकल नामांकन अनुपात (GER) वाले जिलों, वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित जिलों, सीमावर्ती क्षेत्र के जिलों, आकांक्षी जिलों और SC/ ST की अधिक आबादी वाले जिलों पर ध्यान केंद्रित करना।
  • कौशल और व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से रोजगार योग्य क्षमता बढ़ाना।
  • शिक्षा के STEM, वाणिज्य और मानविकी क्षेत्रों सहित बहु-विषयक शिक्षा पर ध्यान देना।

योजना की मुख्य विशेषताएं  

  • पृष्ठभूमि: केंद्र सरकार ने 2013 में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) शुरू किया। इसका उद्देश्य राज्य उच्चतर शिक्षण संस्थानों में उच्च स्तर की पहुंच, समानता और उत्कृष्टता प्राप्त करने करना था।  RUSA  का दूसरा चरण 2018  में शुरू किया गया।
    • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 को ध्यान में रखते हुए, RUSA योजना को प्रधान मंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के रूप में शुरू किया गया।
  • PM-USHA के घटक 
    • बहु-विषयक शिक्षा और अनुसंधान विश्वविद्यालय (Multi-Disciplinary Education and Research Universities: MERU): केवल प्रत्यायन प्राप्त राज्य सरकार के विश्वविद्यालय ही इसके लिए पात्र होंगे। 
      • NAAC ग्रेडिंग; NIRF रैंकिंग शॉर्टलिस्टिंग के लिए प्रमुख मानदंड हैं।
    • विश्वविद्यालयों को मजबूत बनाने के लिए अनुदान (प्रत्यायन प्राप्त और बिना-प्रत्यायन वाले विश्वविद्यालय): केवल राज्य सरकार के विश्वविद्यालय ही पात्र होंगे।
    • कॉलेजों में सुधार करने के लिए अनुदान (प्रत्यायन प्राप्त और बिना-प्रत्यायन वाले कॉलेज): केवल राज्य सरकार और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज ही पात्र होंगे।
    • नए मॉडल पर आधारित डिग्री कॉलेज: इस योजना के तहत वे जिले पात्र होंगे जहां कोई सरकारी उच्चतर शिक्षण संस्थान मौजूद नहीं है। इस मॉडल के आधार पर केवल राज्य सरकार के स्वामित्व वाले महाविद्यालय ही स्थापित किए जाएंगे।
    • जेंडर समावेशन और समता पहल: जिलों को एक इकाई माना जाएगा न कि व्यक्तिगत संस्थाओं को । इन घटकों के तहत जिन गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जा सकता हैं उनमें संवेदीकरण कार्यशालाएं, जिले के नजदीकी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में महिलाओं के लिए संयुक्त छात्रावास आदि शामिल हैं।
    • प्रबंधन निगरानी मूल्यांकन और अनुसंधान (Management Monitoring Evaluation And Research:  MMER): MMER के तहत अनुदान की राशि कुल स्वीकृत निधि का 2% है। इसमें से 1% राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को जारी किया जाएगा जबकि 1% केंद्र द्वारा उपयोग किया जाएगा।

  • चिन्हित (फोकस) जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी: राज्य निम्नलिखित संकेतकों के आधार पर चिन्हित (फोकस) जिलों का चुनाव करेंगे:
    • कम सकल नामांकन अनुपात (GER);
    • महिलाओं, ट्रांसजेंडरों, SCs, STs और OBCs का जनसंख्या अनुपात और नामांकन अनुपात;
    • आकांक्षी/ सीमावर्ती क्षेत्र/ वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित जिलें
    • लैंगिक समता। 
  • चयन की प्रक्रिया: संस्थानों का चयन चैलेंज पद्धति के आधार पर किया जाएगा।
  • निगरानी और मूल्यांकन: योजना के क्रियान्वयन की निगरानी और मूल्यांकन प्रत्येक स्तर पर यानी केंद्रीय, राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर किया जाएगा।
    • केंद्रीय शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में गठित केंद्रीय स्तर पर राष्ट्रीय मिशन प्राधिकरण (NMA) योजना के पर्यवेक्षक के रूप में कार्य करता है।
    • भारत सरकार के सचिव (उच्चतर शिक्षा) की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (PAB) योजना के प्रस्तावों की मंजूरी के अलावा इसके प्रदर्शन की नियमित निगरानी और मूल्यांकन सुनिश्चित करता है। 
  • वे गतिविधियां जो PM USHA के तहत सहायता के लिए पात्र नहीं हैं-
    • वेतन, पेंशन और अन्य लाभों का भुगतान
    • किसी परियोजना की आवर्ती/गैर-आवर्ती (रेकरिंग/नॉन-रेकरिंग) लागत
    • छात्रों को छात्रवृत्ति, फेलोशिप, या मानदेय का भुगतान आदि।