समग्र शिक्षा (विद्यालयी शिक्षा के लिए एक समेकित योजना) - Ministry of Education | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

समग्र शिक्षा (विद्यालयी शिक्षा के लिए एक समेकित योजना)

अद्यतन: 25 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Education
लाभार्थी: Youth and Students

अवलोकन

सार्वभौमिक पहुंच, समानता और गुणवत्ता, शिक्षा के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देना और शिक्षक शिक्षा संस्थानों (TEIs) को मजबूत करना।

स्मरणीय तथ्य

  • उद्देश्य: प्री-स्कूल से लेकर कक्षा 12 तक विस्तारित स्कूली शिक्षा के सुधार हेतु
  • प्रकार: केंद्र प्रायोजित योजना
  • कार्यान्वयन एजेंसी: राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के स्तर पर राज्य कार्यान्वयन सोसाइटी (SIS)।
  • अवधि: वर्ष 2021 से 2026 तक 

अन्य उद्देश्य:

  • सार्वभौमिक पहुंच, समानता और गुणवत्ता, शिक्षा के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देना और शिक्षक शिक्षा संस्थानों (TEIs) को मजबूत करना।
  • निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के कार्यान्वयन में राज्यों की सहायता करना।

प्रमुख विशेषताएं

  • पृष्ठभूमि: समग्र शिक्षा योजना विद्यालयी शिक्षा क्षेत्रक हेतु प्री-स्कूल से लेकर 12वीं कक्षा तक के लिए एक व्यापक कार्यक्रम है।
  • इस योजना में निम्नलिखित तीन योजनाओं को शामिल किया गया है: 
    • सर्व शिक्षा अभियान: इसका उद्देश्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में तय मानदंडों और मानकों के अनुसार विद्यालयों में अवसंरचना निर्माण हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस प्रकार सभी के लिए बुनियादी शिक्षा प्राप्ति सुनिश्चित करना है। 
    • राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA): इसका उद्देश्य सभी के लिए माध्यमिक कक्षा के स्तर तक की शिक्षा सुनिश्चित करना और इसकी गुणवत्ता में सुधार करना है।
    • शिक्षक प्रशिक्षण योजना: इसका उद्देश्य प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा विद्यालय के शिक्षकों के सेवा-पूर्व और सेवाकालीन प्रशिक्षण के लिए एक ठोस संस्थागत अवसंरचना का निर्माण करना है।
  • बालिका शिक्षा पर फोकस: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBVs) को कक्षा 6-8 को अपग्रेड करके कक्षा 6-12 तक कर दिया गया है।
    • उच्च प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक कक्षा में पढ़ने वाली लड़कियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
  • 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' को बढ़ावा दिया जा रहा है। 
  • डिजिटल शिक्षा पर ध्यान: 5 वर्षों की अवधि तक सभी माध्यमिक विद्यालयों में 'ऑपरेशन डिजिटल बोर्ड' चलाया जा रहा है। UDISE+, शगुन जैसी डिजिटल पहलों को मजबूत किया जाएगा।
  • शिक्षा शब्दकोश: यह स्कूली शिक्षा से संबंधित शब्दावलियों की सूची है। इसे स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग (DoSEL) ने तैयार किया है। 
  • प्रशासनिक सुधार: एकल और एकीकृत प्रशासनिक संरचना तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य योजनाओं के कार्यान्वयन में सामंजस्य स्थापित करना है। 
  • समग्र शिक्षा फ्रेमवर्क: इसे DoSEL ने जारी किया है। यह फ्रेमवर्क समग्र शिक्षा योजना के प्रत्येक घटक के लिए मुख्य प्रदर्शन संकेतक (Key Performance Indicators: KPI) उपलब्ध करवाता है। साथ ही, प्रत्येक घटक के कार्यान्वयन का भौतिक एवं वित्तीय विवरण प्रदान करता है। 
  • शिक्षा का अधिकार (RTE)  अधिनियम, 2009 में संशोधन: सामान्य स्कूलों में विशेष शिक्षकों (स्पेशल टीचर्स) के स्तर पर छात्र-शिक्षक अनुपात के संबंध में अधिनियम की अनुसूची में संशोधन किया गया है। अधिनियम के अनुसार छात्र-शिक्षक अनुपात निम्नलिखित प्रकार से होना चाहिए: 
    • प्राथमिक स्कूल के स्तर पर: प्रत्येक दस दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए एक विशेष अध्यापक।
    • उच्च प्राथमिक स्कूल के स्तर पर: कक्षा में पढ़ रहे प्रत्येक पंद्रह दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए एक विशेष अध्यापक। 
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप अन्य प्रमुख पहलें
    • ''सार्थक/ SARTHAQ': यहां सार्थक से आशय है; "गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों की समग्र उन्नति (स्टूडेंट्स एंड टीचर्स होलिस्टिक एडवांसमेंट थ्रू क्वालिटी एजुकेशन)"।
    • निपुण भारत (NIPUN BHARAT): इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 2026-27 तक प्रत्येक बच्चा कक्षा 3 तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक गणना कौशल आवश्यक रूप से प्राप्त करे।
    • फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी (FLS): इसे कक्षा 3 के छात्रों की मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान के स्तर का आकलन करने के लिए प्रारंभ किया गया है। 
    • विद्या प्रवेश: यह NCERT द्वारा विकसित 3 माह का खेल (प्ले) के माध्यम से लर्निंग का 'स्कूल प्रिपरेशन मॉड्यूल' है।
    • विद्यांजलि 2.0: यह एक वेब पोर्टल है। यह योगदान देने हेतु सीधे अपनी पसंद के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के साथ संपर्क करने एवं जुड़ने में मदद करता है।   
    • कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBVs): इन विद्यालयों में लड़कियों के लिए कक्षा 12 तक आवासीय और विद्यालयी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। 
    • नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय: इसके तहत पहाड़ी इलाकों, छोटी बस्तियों और कम आबादी वाले क्षेत्रों में आवासीय विद्यालय की स्थापना की जा रही है। 
    • निष्ठा 4.0 (NISHTHA 4.0) (ECCE): यह प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा के लिए ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (ECCE) है।