अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन – अमृत 2.0 - Ministry of Housing And Urban Affairs | Current Affairs | Vision IAS

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अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन – अमृत 2.0

अद्यतन: 27 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Housing And Urban Affairs
लाभार्थी: Urban Households, Miscellaneous

अवलोकन

अमृत ​​2.0 का लक्ष्य सार्वभौमिक घरेलू जल कनेक्शन, व्यापक सीवरेज प्रबंधन, जल निकायों का पुनरुद्धार सुनिश्चित करके और 2025-26 तक 500 शहरी केंद्रों में निजी भागीदारी, प्रौद्योगिकी और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देकर शहरों को जल-सुरक्षित बनाना है।

स्मरणीय तथ्य

  • योजना का प्रकार: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
  • योजना का उद्देश्य: शहरों को 'जल सुरक्षित' बनाना और सभी घरों में कार्यात्मक पानी के नल का कनेक्शन प्रदान करना। 
  • वित्त-पोषण: उन शहरों को परिणाम आधारित वित्त-पोषण प्रदान करना, जो उनके द्वारा प्राप्त किए जाने वाले परिणामों के लिए रोडमैप प्रस्तुत करेंगे।
  • अवधि: 2025-26 तक।

अन्य उद्देश्य: जल सुरक्षित शहर का निर्माण करना, सभी वैधानिक शहरों में जल का सार्वभौमिक कवरेज प्रदान करना तथा 500 अमृत शहरों में सीवरेज/ सेप्टेज प्रबंधन का 100% कवरेज प्रदान करना।

मुख्य विशेषताएं

  • पृष्ठभूमि 
    • अमृत को वर्ष 2015 में 500 शहरों में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य 500 चयनित अमृत शहरों में जल आपूर्ति की सार्वभौमिक कवरेज सुनिश्चित करना और सीवरेज कवरेज में व्यापक सुधार करना है।
    • अमृत मिशन को अमृत 2.0 में शामिल कर लिया गया है।
    • अमृत 2.0 योजना जल जीवन मिशन-शहरी (JJM-U)  के तहत लक्ष्यों को पूरा करने में भी मदद करेगी। 
  • अमृत के तहत महत्वपूर्ण क्षेत्रक:

  • जल की सर्कुलर इकोनॉमी: सर्कुलर इकोनॉमी के सिद्धांत जल के पूर्ण मूल्य को पहचानने और प्राप्त करने का अवसर प्रदान करते हैं। ये एक सेवा, प्रक्रियाओं के लिए एक इनपुट, ऊर्जा के स्रोत एवं पोषक तत्वों और अन्य सामग्रियों के वाहक के रूप में अवसर प्रदान करते हैं।
  • इसे प्राप्त करने के लिए ULBs द्वारा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रमुख क्षेत्रों के संबंध में प्रस्तावित परियोजनाओं की विस्तृत शहर जल संतुलन योजना (CWBPs) और शहर जल कार्य योजना (CWAPs) प्रस्तुत की जाएगी।
    • शहर जल संतुलन योजना (CWBP): इसके तहत जल निकायों सहित जल स्त्रोतों, जल उपचार और जल वितरण करने वाली अवसंरचना आदि तथा क्षेत्र-वार जल कवरेज, गैर राजस्व जल (NRW) की स्थिति, मलजल उपचार संयंत्र (STP) सहित सीवरेज नेटवर्क आदि का विवरण शामिल होगा।
    • शहर जल कार्य योजना (CWAPs): इसमें जलापूर्ति; सीवरेज/सेप्टेज प्रबंधन; हरित स्थानों और पार्कों सहित जल निकायों के कायाकल्प संबंधी प्राथमिकता वाले क्षेत्रकों के संबंध में ULBs द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं की सूची शामिल होगी।
  • स्टार्ट-अप और निजी उद्यमिता को बढ़ावा देना 
    • स्टार्ट-अप विचारों और निजी उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए प्रौद्योगिकी उप-मिशन को पायलट परियोजनाओं में शामिल करना।
    • मिलियन प्लस शहरों हेतु PPP परियोजनाओं को अनिवार्य कर दिया गया है।  
    • शहर के स्तर पर कुल वित्तीय आवंटन का कम-से-कम 10% PPP परियोजनाओं के लिए निर्धारित करना अनिवार्य होगा।
  • क्षमता निर्माण कार्यक्रम: ठेकेदारों, प्लंबर, प्लांट परिचालकों, छात्रों, महिलाओं और नागरिकों सहित सभी हितधारकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 
  • जन आंदोलन मिशन (समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना) 
    • यह मिशन अपनी प्रगति के बारे में समवर्ती फीडबैक के लिए महिलाओं और युवाओं को शामिल करेगा।
    • जल मांग प्रबंधन तथा जल से संबंधित बुनियादी ढांचे के प्रबंधन और गुणवत्ता संबंधी परीक्षण में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को शामिल किया जाएगा।