नवप्रवर्तन, एकीकरण और सततता के लिए शहरी निवेश 2.0 (CITIIS 2.0) - Ministry of Housing And Urban Affairs | Current Affairs | Vision IAS

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नवप्रवर्तन, एकीकरण और सततता के लिए शहरी निवेश 2.0 (CITIIS 2.0)

अद्यतन: 27 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Housing And Urban Affairs
लाभार्थी: Miscellaneous

अवलोकन

CITIIS 1.0 को 2018 में स्मार्ट सिटी मिशन के उप-घटक के रूप में आरंभ किया गया था। इसके तहत देश के 12 शहरों को इस परियोजना के तहत सहायता दी गई है।

स्मरणीय तथ्य

  • योजना के उद्देश्य: कुछ चुने हुए शहरों में नवीन और टिकाऊ शहरी अवसंरचना परियोजनाओं का विकास और उनका कार्यान्वयन करना।
  • योजना को बाहरी सहायता: इस योजना के लिए फ्रांस और जर्मनी ऋण सहायता दे रहे हैं, जबकि यूरोपीय संघ तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगा।
  • योजना का समन्वय करने वाली संस्था: राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (NIUA)
  • योजना की अवधि: चार वर्ष (2023-2027)

अन्य उद्देश्य

  • तथ्यों पर आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से राज्यों और शहरों में जलवायु के प्रति संवेदनशील योजनाओं को बढ़ावा देना तथा प्रमुख स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक सूचना संस्थानों एवं पहलों की शक्तियों का उपयोग करना। 
  • एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करते हुए चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाली प्रतिस्पर्धी रूप से चयनित परियोजनाओं के माध्यम से शहरी जलवायु कार्रवाई में निवेश को बढ़ावा देना।
  • राज्य और स्थानीय स्तर पर क्लाइमेट गवर्नेंस ढांचे के माध्यम से संस्थागत तंत्र का निर्माण करना, साझेदारी का लाभ उठाना और एंकर क्षमताओं का निर्माण करना तथा भारतीय शहरों और राज्यों में जलवायु कार्रवाई का समर्थन करने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करना। 

प्रमुख विशेषताएं

  • पृष्ठभूमि: CITIIS 1.0 को 2018  में स्मार्ट सिटी मिशन के उप-घटक के रूप में आरंभ किया गया था। इसके तहत देश के 12 शहरों को इस परियोजना के तहत सहायता दी गई है।
    • CITIIS के तहत चयनित शहरों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है।
    • यह सहायता संस्थानों को मजबूत करने पर केंद्रित है। इसके तहत कार्यान्वयन से पहले व्यवस्थित योजना (परिपक्वता चरण) के लिए निम्नलिखित सुनिश्चित किए जाते हैं- 
      • संसाधनों को समर्पित करना, 
      • परिणाम-आधारित निगरानी ढांचे विकसित करना, और 
      • कार्यक्रम निगरानी के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाना।
  • योजना में शामिल होने हेतु शहरों के लिए पात्रता: भारत सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चुने गए सभी 100 स्मार्ट शहर इस योजना में आवेदन करने के लिए पात्र हैं।
  • CITIIS 2.0 के घटक
    • घटक 1: शहर-स्तरीय कार्रवाई: 
      • एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करते हुए चक्रीय अर्थव्यवस्था पर  परियोजनाओं को वित्तीय और तकनीकी सहायता।
      • विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में परियोजनाओं का समान वितरण।
      • चुनौतीपूर्ण प्रक्रियाओं के माध्यम से अधिकतम 18 परियोजनाओं का चयन किया जाना है।
    • घटक 2: राज्य स्तरीय कार्रवाई 
      • राज्यों में जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए किए जाने वाले हस्तक्षेप।
      • भारत के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश मांग के आधार पर समर्थन के पात्र होंगे।
      • राज्य जलवायु केंद्र, क्लाइमेट सेल या ऐसे ही अन्य निकाय स्थापित या मजबूत किए जाएंगे।
      • राज्य और शहर स्तर पर जलवायु डेटा वेधशालाएं (Climate Data Observatories) स्थापित की जाएंगी।
      • जलवायु कार्य योजनाएं विकसित की जाएंगी और डेटा-संचालित योजना को सुविधाजनक बनाया जाएगा।
      • नगर निगम पदाधिकारियों की क्षमता का निर्माण किया जाएगा।
    • घटक 3: राष्ट्रीय स्तर की कार्रवाई 
      • शहरी भारत में क्लाइमेट गवर्नेंस को आगे बढ़ाने के लिए हस्तक्षेप।
      • संस्थाओं की मजबूती, ज्ञान के प्रसार, साझेदारी, अनुसंधान और विकास आदि के माध्यम से बड़े स्तर की कार्रवाई का समर्थन करना।
      • भारत के सभी शहरों के लिए क्षमता निर्माण और लर्निंग।