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स्मार्ट सिटी मिशन

अद्यतन: 27 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Housing And Urban Affairs
लाभार्थी: Miscellaneous

अवलोकन

स्मार्ट सिटी मिशन का उद्देश्य विशेष प्रयोजन वाहनों (एसपीवी) और शहरी विकास के नवीन मॉडलों के माध्यम से स्मार्ट समाधान, कुशल बुनियादी ढांचे और समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा देकर 100 नागरिक-अनुकूल और टिकाऊ शहरों का विकास करना है।

  • पृष्ठभूमि: स्मार्ट सिटीज़ मिशन को 25 जून, 2015 को शुरू किया गया था। इस मिशन का उद्देश्य दक्ष सेवाओं, मजबूत अवसंरचना और टिकाऊ समाधानों के माध्यम से100 शहरों में जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाना है। इसमें आवास, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और मनोरंजन को ध्यान में रखकर आदर्श शहरी स्थान तैयार करना शामिल है।

  • शहरों के चयन के लिए समान मानदंड: शहरी आबादी और राज्य/ केंद्र शासित प्रदेशों में वैधानिक कस्बों की संख्या को समान महत्त्व दिया जाता है।
  • स्मार्ट सिटीज़ मिशन का दृष्टिकोण: मिशन का कार्यान्वयन मुख्य रूप से दो दृष्टिकोणों के माध्यम से किया जाता है:
    • क्षेत्र-आधारित विकास (ABD): चयनित क्षेत्रों में लक्षित हस्तक्षेप।
    • पैन-सिटी परियोजनाएं: शहरव्यापी प्रौद्योगिकी-संचालित समाधान।
  • विशेष प्रयोजन वाहन (SPV): इसे कंपनी अधिनियम, 2013 के तहतशहरी स्तर पर एक लिमिटेड कंपनी के रूप में शामिल किया गया है। राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश और ULB  प्रमोटर हैं, जिनकीइक्विटी शेयर धारिता 50:50 होती है।
  • यह स्मार्ट सिटीज़ विकास परियोजनाओं के योजना-निर्माण, आकलन, अनुमोदन, क्रियान्वयन, प्रबंधन, संचालन, निगरानी, मूल्यांकन और इसके लिए धन वितरणमें मदद कर रहा है।
  • वित्त-पोषण: 
    • केंद्र सरकार ने 5 वर्षों (वित्त वर्ष 2015 से लेकर 2020 तक) में 48,000 करोड़ रुपये, यानी प्रति शहर प्रति वर्ष औसतन 100 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की है।
    • राज्य/ शहरी स्थानीय निकाय (ULB) द्वारा समान आधार पर एक समान राशि प्रदान की जाएगी। 
  • अतिरिक्त संसाधनों को निम्नलिखित घटकों से एकत्रित किया जाएगा:
    • ULB के स्वयं के कोष से, 
    • वित्त आयोग द्वारा दिए जाने वाले अनुदान से, 
    • म्युनिसिपल बॉण्ड जैसे नवीन फंडिंग विकल्प से।
  • निजी क्षेत्रक का लाभ उठाना: सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से निजी क्षेत्रक की भागीदारी पर जोर दिया गया है। 
  • एकीकृत नियंत्रण और कमान केंद्र (Integrated Control and Command Centres: ICCC):  इसे सभी 100 स्मार्ट शहरों में शुरू कर दिया गया है। इसके तहत यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य, जल आदि क्षेत्रकों में नागरिकों को कई ऑनलाइन सेवाएँ प्रदान की जाती हैं।
  • इंडिया स्मार्ट सिटीज़ पुरस्कार प्रतियोगिता (ISAC): इसके तहत उन शहरों और परियोजनाओं को मान्यता दी जाती है, जो सतत एवं समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा देते हैं।