दीन दयाल अंत्योदय योजना- शहरी (राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन): DAY-NULM - Ministry of Housing And Urban Affairs | Current Affairs | Vision IAS

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दीन दयाल अंत्योदय योजना- शहरी (राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन): DAY-NULM

अद्यतन: 27 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Housing And Urban Affairs
लाभार्थी: Poor People, Urban Households

अवलोकन

डीएवाई-एनयूएलएम का उद्देश्य स्व-रोजगार, कुशल मजदूरी कार्य को बढ़ावा देकर तथा स्वयं सहायता समूहों, बेघरों के लिए आश्रय, सड़क विक्रेताओं को सहायता तथा क्षमता निर्माण पहलों के माध्यम से शहरी गरीब परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रदान करके शहरी गरीबी को कम करना है।

स्मरणीय तथ्य

  • योजना का प्रकार: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
  • योजना का लक्ष्य: संधारणीय आधार पर शहरी गरीब परिवारों की गरीबी और सुभेद्यता को कम करना।
  • लाभार्थी: शहरी गरीब व्यक्ति/समूह/स्वयं सहायता समूह (SHGs)।
  • कवर किया गया क्षेत्र: सभी जिला मुख्यालय वाले शहर और 1,00,000 या इससे अधिक आबादी वाले अन्य सभी शहर (2011 की जनगणना के अनुसार)।

अन्य उद्देश्य: 

  • गरीबों से संबंधित जमीनी स्तर के मजबूत संस्थानों के निर्माण के माध्यम से शहरी गरीबों को लाभकारी स्वरोजगार और कुशल मजदूरी रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में सक्षम बनाना।
  • शहरी बेघरों को चरणबद्ध तरीके से आवश्यक सेवाओं से सुसज्जित आश्रय उपलब्ध कराना।

मुख्य विशेषताएं 

  • सामाजिक लामबंदी: प्रत्येक शहरी गरीब परिवार से कम-से-कम एक सदस्यविशेषकर एक महिला को समयबद्ध तरीके से स्वयं सहायता समूह (SHG) नेटवर्क के तहत लाया जाना चाहिए।
  • SHGs  सदस्यता: योजना के तहत वित्त पोषण सहायता प्राप्त करने के लिए SHG के कम-से-कम 70% सदस्य शहरी गरीब होने चाहिए। SHGs में 10-20 सदस्य हो सकते हैं।
    • आदिवासी बाहुल्य पहाड़ी इलाकों/ क्षेत्रों में 10 से कम सदस्य मिलकर भी SHG गठित कर सकते हैं।
    • दिव्यांगजनों के मामले में न्यूनतम 5 सदस्य मिलकर भी स्व-सहायता समूह गठित कर सकते हैं।
  • शहरी स्ट्रीट वेंडर्स को सहायता: इसमें कौशल, सूक्ष्म उद्यम विकास, ऋण प्राप्ति में सहायता, प्रो-वेंडिंग शहरी नियोजन, कमजोर वर्गों (महिलाओं, अनुसूचित जातियों/ अनुसूचित जनजातियों, आदि) के लिए सामाजिक सुरक्षा के विकल्प शामिल हैं।
    • इसके तहत शहरी बेघर लोगों को सभी मौसम में रहने योग्य 24x7 स्थायी आश्रय भी प्रदान किए जाते हैं।
  • नवोन्मेषी और विशेष परियोजनाओं को बढ़ावा देना: यह केंद्र प्रशासित पहल है। इसमें किसी राज्य को अपनी तरफ से प्रावधान करने की आवश्यकता नहीं है। इस पहल के निम्नलिखित उद्देश्य हैं:
  • सार्वजनिक, निजी और सामुदायिक भागीदारी (P-P-C-P) के माध्यम से शहरी आजीविका के लिए संधारणीय दृष्टिकोण को बढ़ावा देना।
  • वृहत (स्केलेबल) पहलों के माध्यम से शहरी गरीबी की स्थिति से निपटने में प्रभावी तरीका प्रस्तुत करना या विशिष्ट प्रभाव डालना।
  • निगरानी और मूल्यांकन: राज्य स्तर पर राज्य मिशन प्रबंधन इकाई (SMMU) और ULBs के स्तर पर सिटी मिशन प्रबंधन इकाई (CMMU) को निगरानी का कार्य सौंपा गया है।

प्रमुख पहलें 

  • UNDP- DAY-NULM साझेदारी: विभिन्न तथ्यों एवं स्थितियों को ध्यान में रखकर उद्यमिता के क्षेत्र में  उपयुक्त करियर विकल्प चुनने हेतु महिलाओं को सशक्त बनाना। 
    • इस परियोजना की अवधि 3 वर्ष है। हालांकि, इसे 2025 में भी जारी रखा जा सकता है।
    • शुरुआती चरण में इस साझेदारी के तहत आठ शहरों को कवर किया जाएगा।
  • निपुण/ NIPUN: निपुण से आशय है; "नेशनल इनिशिएटिव फॉर प्रमोटिंग अपस्किलिंग ऑफ निर्माण वर्कर्स (NIPUN)।" इसे राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।
  • PaiSA  पोर्टल: यह DAY-NULM के तहत लाभार्थियों को बैंक ऋण पर ब्याज छूट दिलाने के लिए एक केंद्रीकृत इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्म है। यहां PaiSA से आशय है: पोर्टल फॉर अफोर्डेबल क्रेडिट एंड इंटरेस्ट सबवेंशन एक्सेस।