अटल भूजल योजना (अटल जल) - Ministry of Jal Shakti | Current Affairs | Vision IAS

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अटल भूजल योजना (अटल जल)

अद्यतन: 27 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Jal Shakti
लाभार्थी: Rural Households, Miscellaneous

अवलोकन

अटल भूजल योजना (अटल जल) सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से स्थायी भूजल प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।

स्मरणीय तथ्य

  • योजना का प्रकार: यह केंद्रीय क्षेत्रक की एक योजना है। 
  • योजना का उद्देश्य: भूजल प्रबंधन में सुधार करना। 
  • वित्त-पोषण: इसके कुल वित्त-पोषण का 50 प्रतिशत विश्व बैंक से ऋण प्राप्त करके और शेष 50 प्रतिशत बजटीय सहायता के जरिए किया जाएगा।
  • महिला सशक्तीकरण: महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी। 

अन्य उद्देश्य 

  • सात राज्यों में पहचाने गए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सामुदायिक भागीदारी के जरिए भूजल प्रबंधन करना।

प्रमुख  विशेषताएं 

  • लक्ष्य: अटल भूजल योजना का लक्ष्य समुदाय के नेतृत्व में भूजल का सतत प्रबंधन करके दिखलाना है ताकि इसे आगे व्यापक स्तर पर ले जाया जा सके।
  • कवरेज: इसमें सात राज्यों को शामिल किया गया है। (मानचित्र देखें)
  • राज्यों को प्रोत्साहन: योजना के तहत धनराशि, अन्य विषयों के साथ-साथ पूर्व-निर्धारित संकेतकों की उपलब्धियों के आधार पर दी जाती है।
  • स्थानीय स्तर पर शासन: इसमें समुदायों की सक्रिय भागीदारी होगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में जल सुरक्षा संबंधी योजनाएं (WSPs) शुरू और लागू की जा रही हैं।
  • सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) संबंधी गतिविधियां: सतत भूजल प्रबंधन से संबंधित सूचना, शिक्षा और संचार (IEC)  संबंधी गतिविधियां संचालित करना। साथ ही, इसमें संस्थागत सुदृढ़ीकरण एवं क्षमता निर्माण का भी प्रावधान है।
  • नोडल कार्यान्वयन एजेंसी: जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग का केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB)। 
    • CGWB जल शक्ति मंत्रालय के तहत शीर्ष बहु-विषयक वैज्ञानिक संगठन है। 
    • इसे देश के भूजल संसाधनों के प्रबंधन, अन्वेषण, निगरानी, मूल्यांकन, संवर्धन और विनियमन के लिए वैज्ञानिक इनपुट प्रदान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • योजना की प्रभावशीलता में सुधार हेतु पहलें
    • हितधारकों द्वारा डेटा संग्रह के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं; 
    • इसे उपयोगकर्ताओं के लिए और अधिक अनुकूल बनाने हेतु प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS) में संशोधन किया गया है;
    • राष्ट्रीय कार्यक्रम निगरानी इकाई (NPMU) के अधिकारियों द्वारा क्षेत्र के दौरे के साथ-साथ अलग-अलग स्तरों पर नियमित समीक्षा की जाएगी आदि।