जल जीवन मिशन (JJM): हर घर जल - Ministry of Jal Shakti | Current Affairs | Vision IAS

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जल जीवन मिशन (JJM): हर घर जल

अद्यतन: 27 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Jal Shakti
लाभार्थी: Rural Households

अवलोकन

जल जीवन मिशन (हर घर जल) का लक्ष्य 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कार्यात्मक नल का पानी उपलब्ध कराना है, तथा विकेन्द्रीकृत योजना, सामुदायिक भागीदारी और मजबूत निगरानी प्रणालियों के माध्यम से घरों, स्कूलों और सामुदायिक संस्थानों में सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करना है।

स्मरणीय तथ्य 

  • योजना का उद्देश्य: 'कोई भी न छूटे', इस प्रकार 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण घर में नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। 
  • योजना का प्रकार: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
  • बच्चों पर विशेष ध्यान: स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और आश्रमशालाओं में पाइप से जल की आपूर्ति करना।
  • निगरानी: एकीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली (IMIS) और JJM-डैशबोर्ड स्थापित किए गए हैं।

अन्य उद्देश्य 

  • प्रत्येक ग्रामीण परिवार को कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) प्रदान करना।
  • स्कूलों, आंगनबाड़ियों, ग्राम पंचायत भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों आदि में कार्यात्मक नल कनेक्शन प्रदान करना।
  • नकद, वस्तु और/ या श्रम तथा स्वैच्छिक श्रम (श्रमदान) में योगदान के माध्यम से स्थानीय समुदायों में स्वैच्छिक स्वामित्व को बढ़ावा देना।
  • सुरक्षित पेयजल के अलग-अलग पहलुओं और महत्त्व पर जागरूकता को बढ़ावा देना।

प्रमुख विशेषताएं 

  • लक्ष्य: 'वॉश (WASH)  के प्रति जागरूक गांव' विकसित करना। इन गांवों में स्थानीय समुदाय सभी के लिए लंबी अवधि तक जल की आपूर्ति करने और स्वच्छता सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होंगे।
  • कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (FHTC): FHTC से तात्पर्य पर्याप्त मात्रा में और निर्धारित गुणवत्ता एवं नियमित आधार पर पानी की आपूर्ति करने वाले घरेलू नल कनेक्शन से है।
  • विकेंद्रीकृत: JJM दीर्घकालिक पेयजल सुरक्षा के लिए ग्राम कार्य योजना (VAP) का प्रावधान करता है।
    • VAP अग्रलिखित पर केंद्रित है: पेयजल स्रोत; ग्रे वॉटर का पुनः उपयोग; जलापूर्ति प्रणालियां; प्रचालन एवं रख-रखाव।
  • पानी समितियां: पानी समितियां या ग्राम जल और स्वच्छता समितियां (VWSCs) गाँव की जल आपूर्ति प्रणाली के नियमित संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार हैं।
  • जल गुणवत्ता निरीक्षण और निगरानी: यह योजना जल स्रोतों और वितरण केंद्रों पर जल के नमूनों की नियमित जांच को बढ़ावा देती है। लोगों को किफायती दर पर जल गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाओं तक पहुंच उपलब्ध करवाई गई है। 
  • फंड्स जारी करना: यह उपलब्ध केंद्रीय निधियों के उपयोग और राज्यों की समान हिस्सेदारी पर निर्भर है।
  • राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को कार्यक्षमता मूल्यांकन सर्वेक्षण के आधार पर प्रदर्शन आधारित अनुदान प्रदान किया जाता है।
  • मुख्य संसाधन केंद्र (KRCs): क्षमता बढ़ाने के लिए अलग-अलग सरकारी और गैर-सरकारी शैक्षणिक संस्थानों, थिंक टैंक्स एवं प्रशिक्षण संस्थानों को KRCs के रूप में शामिल किया गया है।
  • राष्ट्रीय वॉश (WASH)  विशेषज्ञ (NWE): राष्ट्रीय पेयजल, स्वच्छता और गुणवत्ता केंद्र NWEs को सूचीबद्ध करने तथा   नियोजित करने के लिए उत्तरदायी है। NWEs  का कार्य राज्यों को जमीनी स्तर पर सत्यापन और तकनीकी सहायता प्रदान करना है। 
    • JJM के कार्यान्वयन की स्थिति के आधार पर, NWEs गांवों को स्टार रेटिंग और राज्यों को फीडबैक प्रदान करते हैं।
  • प्राथमिकताएं:
    • जापानी एन्सेफलाइटिस (JE) और एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) से प्रभावित जिलों को प्राथमिकता दी जा रही है।
    • आर्सेनिक, फ्लोराइड, आयरन, लवणता, भारी धातु
  •  जैसे प्राकृतिक संदूषकों वाले भूजल क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है।
  • गैर-राजस्व जल को कम करना: गैर-राजस्व जल वह जल है, जिसे पंप के जरिए भूमि से बाहर निकाला जाता है और फिर जिसकी खपत हो जाती है या जिसका कोई हिसाब नहीं होता है।
  • 15वें वित्त आयोग द्वारा वित्त-पोषण (FFC): FFC ने जल आपूर्ति और स्वच्छता को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में मान्यता दी है। साथ ही, पंचायती राज संस्थाओं को 2021-22 से 2025-26 तक के लिए 2.36 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • मुख्य पहलें 
  • रूरल वॉश पार्टनर्स फोरम (RWPF): प्रौद्योगिकी, ज्ञान आधारित उत्पादों का विकास और सूचना साझाकरण के माध्यम से WASH क्षेत्रक में नवाचार को बढ़ावा देना।
  • नल जल मित्र कार्यक्रम: जल आपूर्ति प्रणालियों को बनाए रखने और मरम्मत करने के लिए ग्रामीणों को "नल जल मित्र" के रूप में प्रशिक्षित किया जाता है।
  • प्रगति: इस योजना को 2019 में शुरू किया गया था। वर्ष 2019  में केवल 3.23 करोड़ (17%) ग्रामीण घरों में नल से जल कनेक्शन उपलब्ध था, जो फरवरी 2025 में बढ़कर 15.44 करोड़ (79.59%) हो गया।