प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)
अद्यतन: 27 Nov 2025अवलोकन
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) एक केन्द्र प्रायोजित योजना है जिसका उद्देश्य सिंचाई कवरेज का विस्तार करके, खेत पर जल उपयोग दक्षता में सुधार करके, सटीक सिंचाई प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देकर और एकीकृत, अंतर-मंत्रालयी दृष्टिकोण के माध्यम से सतत जल संरक्षण को प्रोत्साहित करके "हर खेत को पानी" सुनिश्चित करना है।
स्मरणीय तथ्य
- योजना का प्रकार: यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
- योजना का उद्देश्य: खेत स्तर पर जल की भौतिक पहुंच बढ़ाना और सुनिश्चित सिंचाई के तहत कृषि योग्य क्षेत्र का विस्तार करना।
- समर्पित कोष: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के तत्वावधान में समर्पित एक दीर्घकालीन सिंचाई निधि (LTIF) और सूक्ष्म सिंचाई कोष (MIF)।
- निगरानी: केंद्रीय जल आयोग और जल शक्ति मंत्रालय।
उद्देश्य
- खेत स्तर पर सिंचाई में निवेश के लिए विभिन्न योजनाओं में समन्वय स्थापित करना।
- पानी की बर्बादी को कम करने के लिए खेत पर पानी के उपयोग की दक्षता में सुधार करना।
- परिशुद्ध सिंचाई एवं जल बचत संबंधी प्रौद्योगिकियों (प्रति बूंद अधिक फसल) को अपनाना।
- जलभृतों के पुनर्भरण में सुधार करना और उपनगरीय कृषि के लिए उपचारित नगरपालिका अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग की व्यवहार्यता की खोज करके संधारणीय जल संरक्षण पद्धतियों को लागू करना।
- परिशुद्ध सिंचाई प्रणाली के क्षेत्र में और अधिक निजी निवेश आकर्षित करना।
प्रमुख विशेषताएं
PMKSY के घटक
अन्य विशेषताएं
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