पी.एम. विश्वकर्मा योजना - Ministry of Micro, Small And Medium Enterprises | Current Affairs | Vision IAS
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पी.एम. विश्वकर्मा योजना

अद्यतन: 25 Nov 2025
मंत्रालय: Ministry of Micro, Small And Medium Enterprises
लाभार्थी: Small Traders and MSMEs

अवलोकन

इस योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को विश्वकर्मा कर्मियों के रूप में मान्यता देना और कौशल उन्नयन प्रदान करना

स्मरणीय तथ्य 

  • योजना के उद्देश्य: इसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को समग्र समर्थन प्रदान करना है। 
  • योजना का प्रकार: यह केंद्रीय क्षेत्रक की एक योजना है।
  • कवरेज: यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शुरू की जाएगी। इसे जिला स्तर पर लाभार्थियों की अधिकतम संख्या सुनिश्चित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
  • योजना की अवधि: वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक।

अन्य उद्देश्य 

  • इस योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को विश्वकर्मा कर्मियों के रूप में मान्यता देना और कौशल उन्नयन प्रदान करना
  • उन्हें विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने में मदद करने के लिए उनके ब्रांड के प्रचार और बाजार तक सरल पहुंच हेतु एक प्लेटफॉर्म प्रदान किया जाएगा।
  • विश्वकर्मा कर्मियों के डिजिटल सशक्तीकरण के लिए डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा दिया जाएगा।

प्रमुख विशेषताएं

  • अंतर-मंत्रालयी: इस योजना का प्रबंधन निम्नलिखित द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।
    • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME); 
    • कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) तथा 
    • वित्त मंत्रालय के तहत कार्यरत वित्तीय सेवा विभाग (DFS)
  • पात्रता के लिए मानदंड:  कारीगर- 
    • जो हाथों एवं औजारों की सहायता से कार्य करने वाले तथा स्वरोजगार के आधार पर असंगठित क्षेत्र में मान्यता प्राप्त परिवार-आधारित पारंपरिक व्यापार (इन्फोग्राफिक्स देखें) में से किसी एक में संलग्न हो और 
    • जिसकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष हो,
    • अपात्रता: ऐसे कारीगर या शिल्पकार जिन्होंने पिछले 5 वर्षों में स्व-रोजगार या व्यवसाय विकास के लिए केंद्र या राज्य सरकार की समान ऋण-आधारित योजनाओं के तहत ऋण लिया है। (अपवाद: यह मुद्रा (MUDRA) और स्वनिधि योजना के लाभार्थियों के लिए है।)
    • परिवार के किसी एक सदस्य (पति, पत्नी और उनके अविवाहित बच्चों) 

  • लाभार्थियों का नामांकन: पी.एम. विश्वकर्मा पोर्टल पर आधार-आधारित प्रमाणीकरण का उपयोग करके कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से किया गया।
  • समावेशिता: योजना के तहत महिलाओं; अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, OBCs, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर जैसे हाशिए पर रहने वाला समुदाय; तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों, द्वीपीय राज्यक्षेत्रों और पहाड़ी क्षेत्रों के निवासी का सशक्तीकरण करना है। 
  • सामाजिक सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देना: प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना; प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना; अटल पेंशन योजना; प्रधान मंत्री श्रम योगी मान-धन योजना आदि योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहित करता है।