चीनी विदेश मंत्री की भारत यात्रा का अवलोकन
चीनी विदेश मंत्री की भारत यात्रा में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय दोनों मुद्दों पर चर्चा और कई महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण राजनयिक वार्ताएँ और समझौते हुए।
समझौते और प्रगति
- तीन स्थानों पर सीमा व्यापार पुनः शुरू करना तथा सीधी उड़ानें पुनः शुरू करना।
- तीर्थयात्रियों के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा स्लॉट का विस्तार और वीज़ा मानदंडों में छूट।
- उर्वरकों, दुर्लभ मृदा उत्पादों और बोरिंग मशीनरी पर चीन द्वारा लगाए गए निर्यात प्रतिबंध हटाने पर चर्चा।
- 2005 के समझौते के आधार पर 3,500 किलोमीटर लंबी भारत-चीन सीमा पर सीमा समाधान की प्रक्रिया में तेजी लाई गई।
चुनौतियाँ और चिंताएँ
- भारतीय कम्पनियों में चीनी एफडीआई की जांच को आसान बनाने की चीन की मांग पर अस्पष्ट प्रगति।
- पाकिस्तान को चीन का कूटनीतिक समर्थन तथा बीआरआई और सीपीईसी को अफगानिस्तान तक विस्तारित करने के कदम भारत के लिए चुनौतियां पेश करते हैं।
- अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ पर चिंताएं, जो भारत के रणनीतिक निर्णयों को प्रभावित कर सकती हैं।
रणनीतिक निहितार्थ
- यह यात्रा भारत-चीन संबंधों में संभावित सुधार का संकेत देती है, जो पिछले सैन्य तनावों से आगे बढ़ने पर केंद्रित है।
- भारत की रणनीति में क्षेत्रीय गतिशीलता से उत्पन्न रणनीतिक चुनौतियों का समाधान करते हुए चीन के साथ संबंधों को संतुलित करना शामिल है।