राष्ट्रीय तात्कालिक विस्फोटक उपकरण डेटा प्रबंधन प्रणाली (NIDMS) का उद्घाटन
केंद्रीय गृह मंत्री ने NIDMS का उद्घाटन किया, जो एक अग्रणी मंच है जो 1999 से भारत में हुए सभी बम विस्फोटों को रिकॉर्ड और विश्लेषण करता है।
मुख्य विशेषताएं और महत्व
- डेटा एकीकरण: गृह मंत्रालय का उद्देश्य बेहतर विश्लेषण के लिए विभिन्न डेटा स्रोतों को AI-आधारित सॉफ्टवेयर से जोड़ना है।
- केंद्रीकृत डेटाबेस: हरियाणा के मानेसर स्थित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) छावनी में स्थित इस प्लेटफॉर्म में 1999 से लेकर अब तक के सभी बम विस्फोटों का डेटा शामिल है।
- पहुँच और उपयोग: यह राज्य पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और जांच एजेंसियों के लिए सुलभ है, और जांच और प्रवृत्ति विश्लेषण में सहायता करता है।
- विश्लेषण और रणनीति: विस्फोट के रुझानों को समझने और आतंकवाद से निपटने के लिए रणनीतियां तैयार करने में मदद करता है।
- डेटा साझाकरण: IED से संबंधित डेटा के सुरक्षित साझाकरण और एकीकरण को सुगम बनाता है।
कार्यक्षमताओं
- सिग्नेचर लिंकिंग: घटनाओं के प्रकार, स्थान और उपयोग किए गए उपकरणों के आधार पर उनके बीच संबंध स्थापित करता है।
- उदाहरण: 2024 में रामेश्वरम और 2022 में मंगलुरु विस्फोटों में इस्तेमाल किए गए समान विलंबित सर्किट टाइमर संभावित संबंधों की ओर इशारा करते हैं।
- भविष्यसूचक विश्लेषण: भविष्य में आने वाले खतरों की भविष्यवाणी और जांच के लिए अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।
एनएसजी की भूमिका और विस्तार
- प्राथमिक विश्लेषक: विस्फोट के बाद के विश्लेषण के लिए एनएसजी मुख्य बल है।
- क्षेत्रीय केंद्र: मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद और अयोध्या में नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं ताकि आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया देने का समय घटाकर 1-1.5 घंटे किया जा सके।