भारत की आर्थिक वृद्धि और संशोधित GDP अनुमान
भारत सरकार के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के दूसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.6% तक पहुंचने का अनुमान है। यह पहले के अग्रिम अनुमानों में बताए गए 7.4% से अधिक है।
जीडीपी आंकड़ों की नई श्रृंखला
- नई डेटा श्रृंखला में 2011-12 के पूर्ववर्ती आधार वर्ष के स्थान पर 2022-23 का अद्यतन आधार वर्ष शामिल किया गया है।
- प्रतिनिधित्व और सटीकता बढ़ाने के लिए कई नए डेटा सेट शामिल किए गए हैं।
संशोधित विकास अनुमान
- 2023-24 के लिए विकास दर को 9.2% से घटाकर 7.2% कर दिया गया है।
- 2024-25 के लिए, इसे 6.5% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया गया है।
राजकोषीय अनुपातों पर प्रभाव
- वर्ष 2023-26 के लिए नाममात्र GDP को नीचे की ओर संशोधित किया गया है, जिससे राजकोषीय अनुपात जैसे राजकोषीय डेट-टू-GDP और डेट-टू-GDP प्रभावित हुए हैं।
- संशोधित राजकोषीय डेट-टू-GDP अनुपात 2025-26 के लिए 4.51% अनुमानित है, जो कि 4.36% से अधिक है।
क्षेत्रीय विकास दरें
- द्वितीयक क्षेत्र: विनिर्माण क्षेत्र की 12.5% की वृद्धि के कारण इसमें 9.5% की वृद्धि होने की उम्मीद है।
- प्राथमिक क्षेत्र: 2.8% की वृद्धि दर के साथ मंदी की आशंका है।
- तृतीयक क्षेत्र: व्यापार, होटल और संचार (10.3%) तथा वित्तीय सेवाओं (10%) के महत्वपूर्ण योगदान के साथ वृद्धि दर बढ़कर 8.9% हो जाएगी।
अर्थव्यवस्था का आकार और भविष्य के अनुमान
- वर्ष 2025-26 के लिए अर्थव्यवस्था का आकार ₹ 345.47 लाख करोड़ रहने का अनुमान है, जो पहले के अनुमानों से 3.3% कम है।
- 2023-24 और 2024-25 के लिए संशोधित अनुमानों से पता चलता है कि प्रत्येक वर्ष 3.8% की कमी होगी।
- वित्त वर्ष 2027 के लिए डेट-टू-GDP अनुपात 57.5% आंका गया है, जो बजट में निर्धारित लक्ष्य 55.6% से अधिक है।
राजकोषीय नीति समायोजन
- सरकार का लक्ष्य 2031 तक केंद्र सरकार के ऋण को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 50% तक कम करना है।