इजराइल-ईरान संघर्ष: हवाई हमले का दूसरा चरण
अवलोकन
ईरान में इजरायल का सैन्य अभियान दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है, जिसका मुख्य लक्ष्य भूमिगत मिसाइल डिपो को निशाना बनाना है। अमेरिका के साथ इस सहयोग का उद्देश्य ईरान की हवाई हमले करने की क्षमता को निष्क्रिय करना है।
प्रथम चरण की उपलब्धियाँ
- अमेरिका के साथ संयुक्त हवाई हमलों में पहले ही ईरान में सतह मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया जा चुका है।
- अभियानों के जरिए ईरान के अधिकांश हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया गया है।
- ध्यान ईरानी नेतृत्व और मिसाइल क्षमताओं पर केंद्रित रहा है।
दूसरे चरण के उद्देश्य
- बैलिस्टिक मिसाइलों और संबंधित उपकरणों को संग्रहित करने वाले भूमिगत बंकरों को निशाना बनाना।
- युद्ध की समाप्ति तक ईरान की हवाई हमले करने की क्षमता को समाप्त करने का लक्ष्य रखें।
ईरान की प्रतिक्रिया और क्षमताएं
- तेहरान पूरे क्षेत्र में मिसाइल हमले जारी रखे हुए है।
- ईरान के मिसाइल भंडार के अनुमान अलग-अलग हैं, जो युद्ध की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज का कहना है कि ईरान के पास अभी भी जमीन पर हमला करने वाली क्रूज मिसाइलें हैं।
सैन्य कार्रवाई और रणनीति
- इजरायली जेट विमानों ने लगातार हवाई हमले किए हैं और ईरान और लेबनान दोनों में लक्ष्यों को निशाना बनाया है।
- ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के प्रक्षेपणों में कमी देखी गई है।
रणनीतिक निहितार्थ
ऐसी उम्मीद है कि शुरुआती हमलों से ईरान की शासन प्रणाली तेजी से विघटित हो जाएगी, हालांकि ऐसा अभी तक नहीं हुआ है। ईरान की सैन्य प्रणाली का निरंतर क्षरण आवश्यक माना जाता है।