ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, भारतीय नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत की ओर जाने वाले ऊर्जा शिपमेंट के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा सुरक्षा नामक एक रणनीतिक अभियान शुरू किया है।
उद्देश्य और क्रियान्वयन
- इस अभियान का उद्देश्य एलएनजी, एलपीजी और कच्चे तेल जैसी महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति ले जाने वाले भारतीय ध्वज वाले जहाजों की सुरक्षा करना है।
- निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के लिए इसे सटीक रूप से और न्यूनतम प्रचार के साथ संचालित किया गया।
- जहाजों को एस्कॉर्ट, मार्गदर्शन और नेविगेशनल सहायता प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करें।
संचालन का दायरा
- इसमें महज एस्कॉर्ट ड्यूटी से कहीं अधिक कार्य शामिल हैं, जिसमें फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन के लिए मार्ग-विशिष्ट मार्गदर्शन और नेविगेशनल सहायता प्रदान करना शामिल है।
- यह सुनिश्चित करता है कि समुद्री सुरक्षा जलडमरूमध्य से आगे बढ़कर तब तक बनी रहे जब तक कि जहाज सुरक्षित जलक्षेत्र में न पहुंच जाएं।
हाल की गतिविधियाँ
- हाल ही में लगभग 92,000 टन खाना पकाने की गैस ले जा रहे एलपीजी वाहक पोत पाइन गैस और जग वसंत को एस्कॉर्ट किया गया।
- जिन अन्य जहाजों को सुरक्षा प्रदान की गई उनमें एलपीजी वाहक शिवालिक और नंदा देवी तथा कच्चे तेल का टैंकर जग लाडकी शामिल हैं।
महत्व
यह अभियान वैश्विक तेल और गैस प्रवाह के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने और समुद्री स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को उजागर करता है।