माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु परमाणु ऊर्जा परियोजना (MBRAPP)
परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) ने माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (RBRAPP) की इकाई एक और दो के लिए उत्खनन गतिविधियों को शुरू करने की सहमति दे दी है।
विकास और स्वामित्व
- यह परियोजना अणुशक्ति विद्युत निगम लिमिटेड (अश्विनी) द्वारा विकसित की जाएगी।
- अश्विनी, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) और NTPC लिमिटेड का एक संयुक्त उद्यम है।
- इस संयुक्त उद्यम का उद्देश्य भारत में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का निर्माण, स्वामित्व और संचालन करना है।
परियोजना अनुमोदन और सहमति का इतिहास
- यह उत्खनन सहमति मई 2025 में MBRAPP यूनिट 1-4 के लिए NPCIL को जारी की गई पिछली सहमति के बाद प्रदान की गई थी।
- यह सहमति सितंबर 2025 में ASHVINI को हस्तांतरित कर दी गई थी।
तकनीकी निर्देश
- MBRAPP की यूनिट एक और दो में 700 मेगावाट का प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (PHWR) डिजाइन होगा।
- PHWR, ईंधन के रूप में प्राकृतिक यूरेनियम और शीतलक और मॉडरेटर दोनों के रूप में भारी जल (ड्यूटेरियम ऑक्साइड) का उपयोग करते हैं।
परियोजना के महत्वपूर्ण चरण और लागत
- MBRAPP की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2025 में राजस्थान के बांसवाड़ा में रखी थी।
- इस परियोजना की कुल लागत 42,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।