बांग्लादेश के विदेश मंत्री की भारत यात्रा का संक्षिप्त विवरण
बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए भारत का दौरा किया और नई सरकार की विदेश नीति की प्राथमिकताओं से अवगत कराया।
प्रमुख चर्चाएँ और समझौते
- बांग्लादेश प्रथम नीति:
- भारत और बांग्लादेश के बीच आपसी सम्मान, विश्वास और पारस्परिक लाभों पर जोर दिया गया है।
- प्रत्यर्पण अनुरोध:
- बांग्लादेश ने अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा दोषी ठहराए गए शेख हसीना और असदुज्जमान खान कमाल के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है।
- ऊर्जा और संसाधन आपूर्ति:
- भारत से डीजल और उर्वरक की आपूर्ति बढ़ाने का अनुरोध किया गया, जिस पर भारत के पेट्रोलियम मंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
- द्विपक्षीय संबंध:
- विभिन्न द्विपक्षीय तंत्रों के माध्यम से संबंधों को मजबूत करने के लिए चर्चा जारी है।
क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोग
- सुरक्षा और कानूनी सहयोग:
- युवा नेता शहीद उस्मान हादी के संदिग्ध हत्यारों को भारत से बांग्लादेश प्रत्यर्पित करने का समझौता।
- वीज़ा नीतियां:
- बांग्लादेशियों के लिए भारतीय वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रस्ताव, विशेषकर चिकित्सा और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए।
- जल बंटवारे समझौते:
- गंगा जल संधि के नवीनीकरण और तीस्ता जल बंटवारे समझौते को अंतिम रूप देने पर चर्चा।
रणनीतिक हित और भविष्य की योजनाएँ
- सीमा प्रबंधन:
- भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने और प्रभावी प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करें।
- मूलढ़ांचा परियोजनाएं:
- पारस्परिक लाभों पर ध्यान देते हुए, दोनों देशों के बीच संपर्क परियोजनाओं को मजबूत करना।
आगामी कार्यक्रम
भारत में बैठकों के बाद, रहमान मॉरीशस में हिंद महासागर सम्मेलन में भाग लेंगे और क्षेत्रीय कूटनीति में अपनी सक्रिय भागीदारी जारी रखेंगे।