भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा साझेदारी
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रणनीतिक संबंधों में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जिसका प्रमाण रक्षा क्षेत्र में बहुआयामी साझेदारी है। भारतीय रक्षा मंत्री की सियोल यात्रा और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा सहित उच्च स्तरीय यात्राओं से इस विकास को बल मिलता है।
साझेदारी के प्रमुख पहलू
- सहभागिता का विकास: यह साझेदारी सीमित रक्षा संबंधी बातचीत से आगे बढ़कर कई प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक सहयोग तक पहुंच गई है।
- रक्षा विनिर्माण: यह साझेदारी का एक प्रमुख क्षेत्र है, जिसमें के9 वज्र-टी कार्यक्रम जैसी पहल शामिल हैं।
- प्रौद्योगिकी हस्तांतरण: रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया है।
- सैन्य आधुनिकीकरण: सैन्य अवसंरचना और क्षमताओं के आधुनिकीकरण के उद्देश्य से किए गए सहयोगात्मक प्रयास।
प्रमुख परियोजना
- के9 वज्र-टी कार्यक्रम: 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत विकसित यह परियोजना भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा सहयोग की आधारशिला है।
- यह रक्षा क्षेत्र में अन्य सफल पहलों के लिए एक आदर्श के रूप में कार्य करता है।