दिल्ली में मौसम में बदलाव
दिल्ली में मौसम में अचानक बदलाव आया है, ठंडी हवा चली है और बारिश हुई है, जो हाल की भीषण गर्मी के बिल्कुल विपरीत है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में भारत में अल नीनो की उपस्थिति की पुष्टि हुई है, जो एक ऐसी जलवायु घटना है जिसके कारण आमतौर पर भारत में मानसून कमजोर होता है और मौसम गर्म होता है।
तत्काल मौसम संबंधी घटनाएँ
- पंजाब के ऊपर एक तीव्र गति से चलने वाली आंधी की रेखा विकसित हुई, जो हरियाणा से होते हुए दिल्ली-NCR तक पहुंची, जिससे मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव आए।
- संगरूर में 111 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिसके साथ पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
- दिल्ली में हवा की गति 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई और तेज हवाओं के कारण तापमान पर सीधा असर पड़ा।
- दिल्ली के मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान गिरकर 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस कम और पिछले दिन की तुलना में 7.2 डिग्री सेल्सियस कम है।
- पालम, लोधी रोड और रिज जैसे अन्य क्षेत्रों में भी तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
- 24 घंटे के भीतर दर्ज की गई वर्षा में अयानगर में 12.4 मिमी और सफदरजंग में 11.2 मिमी वर्षा शामिल है।
मौसमी पैटर्न और मानसून पूर्व की गतिविधियाँ
हाल ही में हुई बारिश उत्तर भारत में सक्रिय मानसून पूर्व मौसम का हिस्सा है, जिसमें भीषण गर्मी, धूल भरी आंधी, गरज के साथ बारिश और तापमान में तेजी से बदलाव देखने को मिलते हैं। यह मानसून के आगमन से पहले की सामान्य स्थिति है, जिसके लगभग 30 जून को शुरू होने की उम्मीद है।
आईएमडी पूर्वानुमान
- दिल्ली के कुछ अलग-थलग इलाकों में बादल छाए रहने, बारिश, गरज और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
- हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है, और कुछ झटके 60 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकते हैं।
- मौसम की ऐसी ही स्थिति जारी रहने की संभावना है, जिसके बाद धीरे-धीरे इसमें सुधार होगा।
अल नीनो के निहितार्थ
अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) ने अल नीनो के विकास की पुष्टि की है, जो 2026-27 की सर्दियों में और अधिक गंभीर स्थितियों का संकेत देता है। यह पुष्टि औसत से अधिक समुद्री सतह के तापमान और निम्न-स्तरीय पश्चिमी हवाओं की असामान्यताओं जैसे विभिन्न संकेतकों पर आधारित है।
- पूर्वानुमानों के अनुसार, नवंबर-जनवरी के दौरान बहुत मजबूत अल नीनो की 63% संभावना है।
- NOAA ने चेतावनी दी कि यहां तक कि मजबूत अल नीनो घटनाएं भी विश्व स्तर पर समान रूप से अपेक्षित प्रभाव नहीं डाल सकती हैं, लेकिन मजबूत घटनाएं कुछ परिणामों की संभावना को बढ़ाती हैं।