नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार (NISAR) | Current Affairs | Vision IAS

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नासा के निसार (NISAR) सैटेलाइट के अवलोकनों के अनुसार भूजल के अत्यधिक दोहन के कारण मेक्सिको सिटी में तेजी से भू-धंसाव (land subsidence) की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं।

निसार सैटेलाइट के बारे में

  • प्रकृति: यह इसरो और नासा के बीच पहला संयुक्त भू अवलोकन सैटेलाइट मिशन है।
  • प्रक्षेपण यान: GSLV-F16 (GSLV Mk-II)
  • कक्षा: सूर्य-तुल्यकालिक ध्रुवीय कक्षा (Sun-synchronous polar orbit)
  • मिशन की कार्यावधि: 5 वर्ष
  • डुअल बैंड: यह एक ही प्लेटफॉर्म से L-बैंड और S-बैंड सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR), दोनों का उपयोग करने वाला पहला उपग्रह है। यह इसकी एक अनूठी विशेषता है।
  • इमेजिंग क्षमता:
    • पूर्णतः पोलरिमेट्रिक और इंटरफेरोमेट्रिक डेटा।
    • लगभग 240 किलोमीटर स्वाथ (swath) कवरेज;  
    • यह प्रत्येक 12 दिनों में पृथ्वी की लगभग पूरी जमीन और बर्फ का दो बार अवलोकन कर सकता है।
  • प्रयुक्त तकनीक: हाई-रिज़ॉल्यूशन वाली वाइड-स्वाथ इमेजिंग के लिए उन्नत SweepSAR तकनीक।

केन्या में हाल ही में चार माउंटेन बोंगो को उनके प्राकृतिक पर्यावास में लाया गया है। इन्हें कई वर्षों तक चेक रिपब्लिक के एक चिड़ियाघर में रखा गया था।

बोंगो मृग (Tragelaphus eurycerus) के बारे में

  • विशेषताएं:
    • यह विश्व का सबसे बड़ा वन मृग (forest antelope) है।
    • यह अपने लाल-धूसर रंग के शरीर, सफेद धारियों और लंबे घुमावदार सींगों से पहचाना जाता है।
    • दो उप-प्रजातियाँ: वेस्टर्न बोंगो और ईस्टर्न (माउंटेन) बोंगो।
  • पर्यावास: मध्य और पूर्वी अफ्रीकी जंगलों में घने वर्षावन और वन-सवाना पारिस्थितिकी तंत्र।
  • IUCN रेड लिस्ट स्थिति: वेस्टर्न बोंगो (नियर थ्रेटेंड); ईस्टर्न बोंगो (क्रिटिकली एंडेंजर्ड)।
  • खतरे: पर्यावास का नुकसान और अवैध शिकार।

प्रकाश प्रदूषण, विश्व के सबसे अंधेरे आसमानों में से एक अटाकामा मरुस्थल को प्रभावित कर रहा है। इससे खगोलीय अवलोकन में समस्या उत्पन्न हो रही है।

अटाकामा मरुस्थल के बारे में

  • अवस्थिति: उत्तरी चिली, दक्षिण अमेरिका।
    • यह प्रशांत महासागर (पश्चिम) और एंडीज पर्वतमाला (पूर्व) के बीच उत्तर से दक्षिण तक फैला हुआ एक तटीय और अत्यधिक शुष्क रेगिस्तान है।
  • शुष्कता की वजह: प्रशांत तट से प्रवाहित होने वाली हम्बोल्ट की धारा (ठंडी महासागरीय धारा)
  • विशेषताएँ: लवणीय मैदान, जलोढ़ पंख, रेत के टीले और ज्वालामुखी शंकु; साफ व बादल रहित आसमान के कारण खगोलीय अवलोकनों के लिए अनुकूल है।
  • अटाकामा में स्थित प्रमुख खगोलीय वेधशालाएं: अटाकामा लार्ज मिलीमीटर एरे; पैरानल वेधशाला, आदि।

पश्चिम बंगाल के चाय बागान श्रमिकों ने ILO के संविधान के अनुच्छेद 24 का सहारा लिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि चाय बागानों में श्रम अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। साथ ही, खराब कार्य-दशाएं भी एक बड़ी समस्या हैं।

  • अनुच्छेद 24 श्रमिकों या नियोक्ताओं के संगठनों को अनुमोदित श्रम अभिसमय का अनुपालन न करने की स्थिति में किसी सदस्य देश के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने की अनुमति देता है।

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के बारे में

  • स्थापना: 1919 में वर्साय की संधि के तहत।
  • उद्देश्य: श्रम अधिकारों, गरिमापूर्ण कार्य दशाओं और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना।
  • मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड।
  • सदस्य: 187 सदस्य देश (भारत, इसका एक संस्थापक सदस्य है)।
  • अन्य प्रमुख बिंदु:
    • सरकारों, नियोक्ताओं और श्रमिकों को शामिल करने वाली त्रिपक्षीय संरचना।
    • संयुक्त राष्ट्र की पहली विशेषीकृत एजेंसी (1946)।
    • सामाजिक न्याय और श्रमिकों के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार (1969) से सम्मानित।

उच्चतम न्यायालय ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPwD), 2016 के तहत "एसिड अटैक पीड़ितों" की परिभाषा का विस्तार किया है। अब इसमें जबरन एसिड पिलाए गए (forcible acid ingestion) पीड़ित भी शामिल होंगे। साथ ही, आंतरिक चोटों वाले पीड़ित भी शामिल होंगे, भले ही बाहरी रूप से कोई विकृति दिखाई न दे।

  • उच्चतम न्यायालय ने एसिड अटैक के मामलों में 'खुद को निर्दोष सिद्ध करने की जिम्मेदारी’ आरोपियों पर डालने का भी सुझाव दिया है।
  • RPwD अधिनियम, 2016 के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी दिव्यांगजनों (PwDs) के लिए बिना किसी भेदभाव के समान अवसर और गरिमापूर्ण जीवन सुलभ हो।

भारत में एसिड अटैक पीड़ितों के लिए विधिक प्रावधान

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS, 2023) की धारा 124: चोट/विकृति उत्पन्न करने वाला एसिड अटैक एक संज्ञेय (cognizable) और गैर-जमानती अपराध है। दोषी के लिए 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
  • भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 397: सभी अस्पतालों में निःशुल्क और तत्काल उपचार; तथा पुलिस को सूचना देना अनिवार्य है।
  • पीड़ित मुआवजा योजना: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 396 के तहत पीड़ितों के लिए मुआवजे का प्रावधान किया गया है।
  • प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से सहायता: ₹1 लाख तक की सहायता और कल्याणकारी योजनाओं के लिए पात्रता।
  • ऐतिहासिक निर्णय:
    • लक्ष्मी बनाम भारत संघ वाद: इसमें एसिड की बिक्री को विनियमित किया गया।
    • परिवर्तन केंद्र बनाम भारत संघ वाद: एसिड की अवैध आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई का आदेश।

केंद्र सरकार असम, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में 'समर्थ पंचायत पोर्टल' का विस्तार करेगी।

समर्थ पंचायत पोर्टल के बारे में

  • संबंधित मंत्रालय: केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय
  • उद्देश्य: यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो पंचायतों को अपने कर और गैर-कर राजस्व स्रोतों को बढ़ाने और पारदर्शी रूप से उनकी निगरानी करने के लिए सशक्त बनाता है।
    • यह ग्राम पंचायत स्तर पर UPI-आधारित ऑनलाइन कर आकलन और निर्बाध कर भुगतान के माध्यम से पंचायतों को उनके 'स्वयं के राजस्व स्रोतों' को बढ़ाने में मदद करता है।

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते तापमान से बीमारी पैदा करने वाले अमीबा, विशेष रूप से मस्तिष्क भक्षी अमीबा का खतरा बढ़ सकता है।

मस्तिष्क भक्षी अमीबा के बारे में

  • यह दुनिया भर में मृदा, और गर्म ताजे जल की झीलों, नदियों, तालाबों और गर्म झरनों में पाया जाता है।
  • यह नाक के जरिए शरीर में प्रवेश करता है, और मस्तिष्क के ऊतकों पर हमला करता है।
    • इसके कारण प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएनसेफेलाइटिस (PAM) नामक संक्रमण हो सकता है।
    • PAM, केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का एक दुर्लभ और अत्यंत गंभीर संक्रमण है, जो हमेशा प्राणघातक होता है।

हंटावायरस (Hantavirus) के प्रकोप के कारण डच ध्वज वाले क्रूज जहाज MV होंडियस पर 150 लोग फंस गए हैं। इनमें 3 लोगों की मौत हो गई है।

हंटावायरस के बारे में

  • यह एक ज़ूनोटिक वायरस है, जो चूहों (रैट और माइस) जैसे कृन्तकों (rodents) में पाया जाता है और इंसानों में गंभीर बीमारी उत्पन्न कर सकता है।
  • संक्रमण: इंसान आमतौर पर संक्रमित चूहों या उनके मूत्र, मल या लार के संपर्क में आने के कारण इस रोग से संक्रमित होते हैं।
  • यह 2 प्रकार के सिंड्रोम का कारण बनता है:
    • हंटावायरस कार्डियोपल्मोनरी सिंड्रोम (HCPS): फेफड़ों और हृदय को प्रभावित करने वाली तेजी से गंभीर होने वाली स्थिति।
    • हेमरेजिक फीवर विद रीनल सिंड्रोम (HFRS) .
  • इसका कोई विशिष्ट इलाज उपलब्ध नहीं है।
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SweepSAR

SweepSAR is an advanced imaging technology used by the NISAR satellite to achieve high-resolution, wide-swath imaging. It allows for more efficient data collection over large areas.

Interferometry

Interferometry is a technique that uses the interference of waves to make precise measurements. In SAR interferometry (InSAR), it is used to measure minute changes in the Earth's surface, such as deformation due to earthquakes or subsidence.

Polarimetry

Polarimetry is the study of how electromagnetic radiation, such as light or radar waves, is polarized. In the context of NISAR, polarimetric data helps in understanding the physical properties of Earth's surface and vegetation.

Title is required. Maximum 500 characters.

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