पड़ोसी देशों द्वारा कोयले की प्रत्यक्ष खरीद
सरकारी स्वामित्व वाली कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने घोषणा की है कि 1 जनवरी, 2026 से बांग्लादेश, भूटान और नेपाल के खरीदार भारतीय बिचौलियों को दरकिनार करते हुए सीधे इसकी ऑनलाइन कोयला नीलामी में भाग ले सकेंगे। इस कदम का उद्देश्य अधिशेष कोयला संसाधनों के उपयोग को बढ़ाना और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।
पृष्ठभूमि
- पहले, इन देशों के लिए कोयले की उपलब्धता केवल घरेलू व्यापारियों के माध्यम से थी, जिसमें अंतिम उपयोग पर कोई प्रतिबंध नहीं था।
SWMA नीलामी
2022 में शुरू की गई सिंगल विंडो मोड एग्नोस्टिक (SWMA) नीलामी प्रणाली, कई नीलामी प्लेटफार्मों को एक में एकीकृत करती है, जिससे कोयला खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, आसान और बाजार-संचालित हो जाती है।
नई प्रणाली के लाभ
- इससे पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ती है।
- घरेलू कोयले की जरूरतों को पूरा करते हुए बाजार के विस्तार को सुगम बनाता है।
- वैश्विक बाजार एकीकरण को बढ़ावा देता है।
विदेशी खरीदारों के लिए परिचालन और प्रक्रियात्मक तौर-तरीके
- अब विदेशी खरीदार भी SWMA की नीलामी में घरेलू खरीदारों के साथ भाग ले सकते हैं।
- इसमें एक बार का पंजीकरण, डिजिटल बोली और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक भुगतान जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
- अधिसूचित लॉजिस्टिक्स चैनलों के माध्यम से निर्यात को सुगम बनाया जाता है।
- भुगतान प्रक्रियाएं विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के नियमों द्वारा नियंत्रित होती हैं।
- नेपाल के लिए भुगतान भारतीय रुपये या अमेरिकी डॉलर में, और बांग्लादेश और भूटान के लिए अमेरिकी डॉलर (भारतीय रुपये में मूल्यांकित) में किया जाएगा।
रणनीतिक कदम
CIL ने विदेशी कोयला उपभोक्ताओं की जरूरतों के अनुरूप ढांचा तैयार करने के लिए उनसे बातचीत की, जिससे योजना की प्रभावशीलता और बाजार के साथ तालमेल सुनिश्चित हो सके।