अमेरिका-लैटिन अमेरिका संबंध और हाल के घटनाक्रम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लैटिन अमेरिका के संबंध में हाल ही में की गई राजनीतिक कार्रवाइयों और बयानों का क्षेत्रीय परिदृश्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है, विशेष रूप से कोलंबिया, मैक्सिको और क्यूबा से संबंधित मामलों में। ट्रम्प का दृष्टिकोण अमेरिकी विदेश नीति को प्रभावित करने वाले रणनीतिक, वैचारिक और घरेलू कारकों का मिश्रण दर्शाता है।
कोलंबिया
- ऐतिहासिक संदर्भ: कोलंबिया पिछले 25 वर्षों से अमेरिका का घनिष्ठ सहयोगी रहा है, विशेष रूप से सुरक्षा के मामले में। 2012 में लागू हुए अमेरिका-कोलंबिया मुक्त व्यापार समझौते ने अमेरिका को कोलंबिया के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार के रूप में स्थापित किया है।
- व्यापार और आर्थिक संबंध: 2023 में, कोलंबिया ने अमेरिका को 5.4 अरब डॉलर का कच्चा तेल निर्यात किया। कॉफी और गुलाब अन्य महत्वपूर्ण निर्यात हैं।
- नशीली दवाओं का उत्पादन: कोलंबिया कोकीन का अग्रणी वैश्विक उत्पादक है, जो वैश्विक उत्पादन के दो-तिहाई से अधिक का हिस्सा है।
- राजनीतिक तनाव: कोलंबिया के पहले वामपंथी राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के शासनकाल में संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं, जो अमेरिका से दूरी बनाए रखना चाहते हैं और ब्रिक्स+ समूह में शामिल होने में रुचि व्यक्त कर चुके हैं।
- हाल के घटनाक्रम: ट्रंप के शासनकाल में, कोलंबिया की मादक पदार्थों पर नियंत्रण और निर्वासन संबंधी नीतियों के जवाब में प्रतिशोध की धमकियों और सैन्य निर्माण के साथ तनाव बढ़ गया।
मेक्सिको
- आर्थिक संबंध: अमेरिका और मेक्सिको आर्थिक रूप से घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं, जिसमें मेक्सिको 2023 में अमेरिका का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था, जिसका कुल माल व्यापार 798.9 बिलियन डॉलर था।
- सीमा संबंधी चुनौतियां: 3,145 किलोमीटर लंबी सीमा अवैध अप्रवासन और मादक पदार्थों की तस्करी, विशेष रूप से फेंटानिल जैसी समस्याओं को जन्म देती है।
- नीति और सुरक्षा: ट्रंप के शुरुआती राष्ट्रपति चुनाव अभियान का मुख्य केंद्र सीमा पर दीवार बनाना था। इसके बाद भी उन्होंने मादक पदार्थों के गिरोहों के खिलाफ टैरिफ लगाने और सैन्य कार्रवाई की धमकी देने जैसे प्रयास जारी रखे हैं।
- हालिया तनाव: मैक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबाम ने मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए अमेरिकी सैनिकों के मैक्सिको में प्रवेश करने के विचार को खारिज कर दिया।
क्यूबा
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: अमेरिका-क्यूबा संबंध ऐतिहासिक रूप से तनावपूर्ण रहे हैं, विशेष रूप से क्यूबा क्रांति के बाद, जिसके कारण व्यापार प्रतिबंध और बे ऑफ पिग्स आक्रमण जैसे सैन्य टकराव हुए।
- शीत युद्ध की गतिशीलता: सोवियत संघ के साथ क्यूबा के गठबंधन ने अमेरिका के साथ उसके मतभेदों को और गहरा कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप व्यापक आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए।
- आर्थिक चुनौतियां: शीत युद्ध के उत्तरार्ध में क्यूबा की GDP में 35% की गिरावट आई और यह अभी भी संघर्ष कर रही है, 2024 में इसमें 1.1% का संकुचन और 24% मुद्रास्फीति दर्ज की गई।
- नीतिगत बदलाव: ओबामा प्रशासन ने संबंधों में नरमी लाई, लेकिन ट्रंप ने प्रतिबंधों को फिर से लागू कर दिया और क्यूबा को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित कर दिया, विशेष रूप से उसके पर्यटन उद्योग को निशाना बनाया।
- वर्तमान स्थिति: क्यूबा के प्रमुख सहयोगी वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को सत्ता से हटाए जाने से क्यूबा की अर्थव्यवस्था में और अधिक अस्थिरता आने का खतरा है।
संक्षेप में, लैटिन अमेरिकी देशों के खिलाफ ट्रंप की हालिया कार्रवाइयां ऐतिहासिक निष्ठाओं, व्यापारिक गतिशीलता और भू-राजनीतिक रणनीतियों से प्रभावित रणनीतिक कदमों का मिश्रण हैं। इसके परिणाम क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं।