कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के पर्यावरणीय प्रभाव
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को लेकर होने वाली चर्चा मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवा और कृषि जैसे क्षेत्रों में इसके लाभों पर केंद्रित होती है, लेकिन इसके पर्यावरणीय प्रभावों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
AI का कार्बन फुटप्रिंट
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एल्गोरिदम के विकास से कार्बन उत्सर्जन बढ़ता है, जिससे जलवायु परिवर्तन में योगदान होता है।
- वैश्विक ICT उद्योग के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 1.8%-2.8% से लेकर 2.1%-3.9% तक हैं।
- गूगल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक AI टेक्स्ट प्रॉम्प्ट के लिए बिजली की खपत कम (0.24 वाट-घंटे) होती है, लेकिन इसकी आलोचना भ्रामक होने के कारण की जा रही है।
जल और ऊर्जा की खपत
- UNEP की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि AI सर्वर 2027 तक 4.2 से 6.6 अरब घन मीटर पानी का उपयोग कर सकते हैं, जिससे जल संकट का खतरा पैदा हो सकता है।
- एक लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) को प्रशिक्षित करने से लगभग 300,000 किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन हो सकता है।
- ChatGPT जैसे AI मॉडल की ऊर्जा खपत Google सर्च जैसी अन्य डिजिटल सेवाओं की तुलना में काफी अधिक होती है।
वैश्विक विधायी प्रयास
- यूनेस्को ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नकारात्मक सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर प्रकाश डाला।
- अमेरिका और यूरोपीय संघ ने AI के पर्यावरणीय प्रभाव के लिए कानून प्रस्तावित किए हैं, जैसे कि AI पर्यावरण प्रभाव अधिनियम 2024।
भारत की प्रतिक्रिया और सिफारिशें
- भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की पर्यावरणीय लागतों को पहचानना चाहिए और AI विकास के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) पर विचार करना चाहिए।
- प्रौद्योगिकी कंपनियों और गैर सरकारी संगठनों जैसे हितधारकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के पर्यावरणीय प्रभाव के मूल्यांकन के लिए मानक बनाने हेतु सहयोग करना चाहिए।
डेटा संग्रह और रिपोर्टिंग
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा ग्रीनहाउस गैसों, ऊर्जा और जल की खपत का आकलन करने के लिए स्थिरता मानकों का उपयोग करना।
- यूरोपीय संघ के CSRD ढांचे से प्रेरणा लेते हुए, ESG प्रकटीकरण मानकों में AI के पर्यावरणीय प्रभाव पर विचार करना।
सतत AI प्रथाएं
- पूर्व-प्रशिक्षित मॉडलों का उपयोग, डेटा केंद्रों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा और AI-विशिष्ट रिपोर्टिंग जैसी प्रथाओं को अपनाना।
लेखक: अमर पटनायक, एक वकील और ए एंड एन लीगल सॉल्यूशंस एलएलपी के संस्थापक भागीदार, पूर्व सीएजी अधिकारी और राज्यसभा के पूर्व सांसद।