क्षेत्रीय विकास का दृष्टिकोण
दक्षिण एशिया ने क्षेत्रीय विकास की उम्मीदों में शीर्ष स्थान पुनः प्राप्त कर लिया है, जिससे भारत के लिए सकारात्मक संभावनाएं खुल गई हैं। विश्व आर्थिक मंच (WEF) के अनुसार, लगभग दो-तिहाई प्रमुख अर्थशास्त्री इस क्षेत्र में मजबूत आर्थिक विकास की भविष्यवाणी करते हैं।
- 66% अर्थशास्त्री मजबूत (60%) या बहुत मजबूत (6%) विकास की उम्मीद करते हैं।
- यह पिछले सितंबर की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है, जब केवल 31% लोग दक्षिण एशियाई विकास के बारे में आशावादी थे।
वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण
वैश्विक आर्थिक परिदृश्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, जिसमें 53% अर्थशास्त्री आगामी वर्ष में वैश्विक अर्थव्यवस्था के कमजोर होने की आशंका जता रहे हैं। इसके बावजूद, वैश्विक अर्थव्यवस्था हाल के झटकों के प्रति लचीलापन प्रदर्शित करती है।
- यह सितंबर के सर्वेक्षण से बेहतर स्थिति है, जिसमें 72% लोगों ने और अधिक कमजोरी की आशंका जताई थी।
- वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।
दक्षिण एशिया में मुद्रास्फीति और मौद्रिक नीति
दक्षिण एशिया में मुद्रास्फीति की उम्मीदें कम हुई हैं, और अर्थशास्त्रियों के पूर्वानुमानों में उल्लेखनीय बदलाव आए हैं।
- 69% लोगों का मानना है कि मुद्रास्फीति मध्यम स्तर की रहेगी, जो सितंबर में 64% थी।
- उच्च मुद्रास्फीति की आशंका 18% से घटकर 3% हो गई है।
- 68% लोगों का मानना है कि मौद्रिक नीति में कोई बदलाव नहीं होगा।
- 85% लोगों को राजकोषीय नीति में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है, जो सितंबर में 80% से अधिक है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उत्पादकता
अनुमान है कि AI दक्षिण एशिया, विशेष रूप से भारत में उत्पादकता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा।
- 50% अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि एक से दो साल के भीतर एआई-संचालित उत्पादकता में वृद्धि होगी।
- यह पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र के समान है, जहां 60% लोग इस विचार से सहमत हैं।
- AI-संचालित उत्पादकता के मामले में दक्षिण एशिया यूरोप की तुलना में बेहतर स्थिति में है, जहां इसमें तीन साल तक का समय लग सकता है।
- 36% लोगों का मानना है कि अगले दो वर्षों में डेटा केंद्रों और ऊर्जा अवसंरचना में AI से संबंधित निवेशों से काफी प्रभाव पड़ेगा।