पैक्स सिलिका और भारत की भागीदारी
अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक समूह, पैक्स सिलिका ने भारत को सिलिकॉन, सेमीकंडक्टर, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और महत्वपूर्ण खनिजों के लिए सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के प्रयासों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। दिसंबर में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य चीन पर निर्भरता को कम करना है और इसमें जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, इज़राइल और सिंगापुर जैसे सदस्य शामिल हैं, साथ ही हाल ही में कतर और संयुक्त अरब अमीरात भी इसमें शामिल हुए हैं।
भारत के लिए महत्व
- व्यापार में व्यवधान: महामारी ने एक ही आपूर्तिकर्ता पर अत्यधिक निर्भरता के जोखिमों को उजागर किया, जैसा कि चीन द्वारा दुर्लभ-पृथ्वी के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों से प्रदर्शित होता है, जिससे भारतीय निर्माता प्रभावित हुए।
- दुर्लभ पृथ्वी धातुओं पर निर्भरता: 85 लाख टन भंडार होने के बावजूद, भारत अपनी दुर्लभ पृथ्वी धातुओं की लगभग 93% आवश्यकताओं का आयात चीन से करता है।
- पूरक शक्तियां: यह समूह अमेरिका और जापान की प्रौद्योगिकी, दक्षिण कोरिया के चिप निर्माण, नीदरलैंड की लिथोग्राफी और ऑस्ट्रेलिया की महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति को एक साथ लाता है।
भारत की पहल और चुनौतियाँ
- सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम:
- इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत, सरकार ने 76,000 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन के साथ 1.6 ट्रिलियन रुपये मूल्य की 10 परियोजनाओं को मंजूरी दी।
- इन प्रयासों में निर्माण इकाइयां, सेमीकंडक्टर संयंत्र और 23 चिप-डिजाइन परियोजनाएं शामिल हैं।
- माइक्रोन जैसी वैश्विक कंपनियों और टाटा समूह जैसी भारतीय कंपनियों द्वारा किए गए निवेश उल्लेखनीय हैं।
- मूल्य प्रस्ताव: भारत का डिजिटल बुनियादी ढांचा, विशाल घरेलू बाजार और बढ़ता AI परिवेश पर्याप्त विस्तार प्रदान करते हैं।
- भूराजनीतिक से औद्योगिक रूपांतरण: चुनौतियों में उच्च पूंजी की आवश्यकता, स्थिर बिजली, जल संसाधन और पर्यावरणीय सुरक्षा उपाय शामिल हैं।
रणनीतिक और आर्थिक निहितार्थ
- पहुँच और सदस्यता के लाभ: पैक्स सिलिका प्रौद्योगिकी, वित्त और बाजार तक पहुँच प्रदान करता है, लेकिन इसके लिए घरेलू सुधारों और नियामक स्पष्टता की आवश्यकता है।
- आपूर्ति श्रृंखला संरेखण: वैश्विक श्रृंखलाएं चीन के नेतृत्व वाली और पैक्स सिलिका के नेतृत्व वाली प्रणालियों के बीच विभाजित हो रही हैं, जिससे भारत को सावधानीपूर्वक आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
संक्षेप में कहें तो, पैक्स सिलिका के साथ रणनीतिक गठबंधन भारत के लिए नए अवसर खोल सकता है, लेकिन स्थायी प्रतिस्पर्धात्मकता अंततः प्रभावी क्रियान्वयन और घरेलू उद्योग के समर्थन पर निर्भर करेगी।