AI इम्पैक्ट समिट और नई दिल्ली घोषणा
AI इम्पैक्ट समिट, जिसने 250 अरब डॉलर से अधिक के निवेश प्रतिबद्धताओं को आकर्षित किया, का समापन नई दिल्ली घोषणा-पत्र की घोषणा के साथ हुआ, जिस पर एआई से संबंधित सभी प्रमुख देशों ने हस्ताक्षर किए।
शिखर सम्मेलन से प्राप्त मुख्य विवरण
- हस्ताक्षरकर्ता: शिखर सम्मेलन के अंत तक इस घोषणापत्र पर 80 से अधिक हस्ताक्षरकर्ताओं के होने की उम्मीद है।
- वैश्विक एआई समन्वय: ये पहलें UK, सियोल और पेरिस में आयोजित पिछले AI शिखर सम्मेलनों के बाद शुरू की गई हैं, जिनमें AI जोखिम प्रबंधन, सुरक्षा, नवाचार, समावेशिता और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
- आगंतुकों की सहभागिता: शिखर सम्मेलन में 500,000 से अधिक आगंतुकों ने भाग लिया, जो वैश्विक रुचि को दर्शाता है।
निवेश की मुख्य बातें
- अवसंरचना निवेश: AI अवसंरचना के लिए 250 अरब डॉलर से अधिक की राशि का वादा किया गया है।
- वेंचर कैपिटल: वेंचर कैपिटलिस्टों द्वारा लगभग 20 बिलियन डॉलर का निवेश किया गया है।
ये निवेश AI क्षेत्र में भारत की भूमिका में वैश्विक विश्वास को दर्शाते हैं।
AI मॉडल और उद्योग की प्रतिक्रिया
- AI मॉडल की गुणवत्ता: भारतीय स्टार्टअप्स ने कम संसाधनों का उपयोग करके विकसित किए गए मॉडलों से प्रभावित किया है, जिन्हें उद्योग जगत में सराहना मिल रही है।
AI मिशन 2.0
- कौशल विकास: AI से संबंधित कौशलों में 20 लाख लोगों को प्रशिक्षित करने की योजना है।
- पाठ्यक्रम विकास: शैक्षणिक संस्थानों में AI पाठ्यक्रमों को एकीकृत करने के लिए उद्योग और राज्य सरकारों के साथ सहयोग।
पैक्स सिलिका पहल
भारत का पैक्स सिलिका पहल में औपचारिक रूप से शामिल होना लचीलापन बढ़ाता है और आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क को मजबूत करता है, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित होता है।
सेमीकंडक्टर उद्योग में विकास
- नई परियोजनाएं: उत्तर प्रदेश के जेवर में एचसीएल-फॉक्सकॉन ओएसएटी संयुक्त उद्यम के लिए शिलान्यास समारोह।
- माइक्रोन सुविधा: सानंद संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन 28 फरवरी से शुरू होगा।