अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का सारांश
अमेरिका और ईरान के बीच की स्थिति में तनाव काफी बढ़ गया है, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सीमित सैन्य हमलों पर विचार कर रहे हैं, जबकि ईरान परमाणु समझौते का प्रस्ताव रखने की तैयारी कर रहा है।
अमेरिकी विचार और कार्रवाई
- राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि चल रही बातचीत के बीच वह ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।
- अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है, जिसका उदाहरण यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड का भूमध्य सागर में प्रवेश करना है।
ईरान का रुख और प्रतिक्रियाएँ
- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि समझौते का मसौदा जल्द ही अमेरिका को भेजा जाएगा, जिससे संभवतः एक सप्ताह के भीतर गंभीर बातचीत शुरू हो जाएगी।
- ईरान कूटनीति और सैन्य टकराव दोनों के लिए तैयार है, और किसी भी प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है।
पृष्ठभूमि और वार्ता की गतिशीलता
- 2018 में अमेरिका द्वारा 2015 के परमाणु समझौते से हटने के बाद उत्पन्न गतिरोध के बाद वार्ताएं शुरू हुई हैं।
- ईरान मिसाइल कार्यक्रम की सीमाओं और सशस्त्र समूहों के साथ संबंधों पर चर्चा करने से इनकार करता है, और अपना ध्यान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बनाने पर केंद्रित करता है।
अमेरिकी विधायी चिंताएँ
- डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम केन जैसे सांसदों ने किसी भी सैन्य हमले से पहले कांग्रेस की मंजूरी की मांग की है, और राष्ट्रपति के अधिकार को लेकर चिंताएं जताई हैं।
- केन ने एक युद्ध शक्ति प्रस्ताव पेश किया है जिसमें सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य होगी, हालांकि इसके कानून बनने की संभावना कम है।