दक्षिण सूडान संकट: निकासी और मानवीय प्रभाव
पृष्ठभूमि
दक्षिण सूडान में जारी संघर्ष के कारण एक गंभीर मानवीय संकट उत्पन्न हो गया है, विशेष रूप से विपक्ष के कब्जे वाले अकोबो शहर में, जो पूर्वी राज्य जोंगलेई में स्थित है।
निकासी आदेश और तत्काल परिणाम
- निकासी आदेश: 6 मार्च को, दक्षिण सूडान की सेना ने अकोबो को खाली करने का आदेश दिया, जिससे स्थानीय लोग और विदेशी सहायता एजेंसियां दोनों प्रभावित हुईं।
- विस्थापन: इस आदेश के प्रत्यक्ष परिणाम स्वरूप लगभग 100,000 लोग इथियोपिया भाग गए।
- सैन्य कार्रवाई: रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि सेना ने सैन्य बैरकों पर नियंत्रण कर लिया और एक बफर जोन स्थापित करने के लिए आसपास की इमारतों को नष्ट कर दिया, हालांकि संचार संबंधी सीमाओं के कारण पूर्ण सत्यापन में बाधा आई है।
मानवीय परिस्थितियाँ
- बच्चों का कल्याण: यूनिसेफ की रिपोर्ट है कि हिंसा ने बच्चों के लिए बिगड़ती स्थिति पैदा कर दी है, विस्थापित बच्चों में कुपोषण की दर बहुत अधिक है।
- स्वास्थ्य सेवा पर प्रभाव:
- अकोबो में स्थित अस्पताल, जो पहले बीमारों के लिए शरणस्थल था, लूटपाट का शिकार हो गया है और उसे बंद कर दिया गया है।
- जोंगलेई में हैजा के प्रकोप के बीच 28 स्वास्थ्य और पोषण सुविधाओं को नष्ट कर दिया गया है, लूटा गया है या बंद कर दिया गया है।
राजनीतिक संदर्भ
दक्षिण सूडान, जिसे 2011 में स्वतंत्रता मिली, गृहयुद्ध और गरीबी से त्रस्त है। राष्ट्रपति सल्वा कीर और रीक माचर के बीच 2018 में हुआ सत्ता-साझाकरण समझौता टूट रहा है, जिससे पूर्ण पैमाने पर युद्ध की वापसी की आशंका बढ़ रही है।