सरकार द्वारा अवैध सट्टेबाजी और जुए पर की गई कार्रवाई
सरकार ने अवैध सट्टेबाजी और जुआ गतिविधियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 300 वेबसाइटों और मोबाइल एप्लिकेशन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कदम देश में ऑनलाइन गेमिंग उद्योग को विनियमित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
प्रतिबंध का विवरण
- यह प्रतिबंध निम्नलिखित प्लेटफार्मों पर लागू होता है:
- सट्टेबाजी साइटें
- पीयर-टू-पीयर मार्केटप्लेस
- लाइव डीलर टेबल
- रूलेट और कैसीनो ऐप्स
- स्लॉट जैसे असली पैसे वाले खेल
- इसमें सट्टा/मटका नेटवर्क, कैसीनो गेमिंग ऐप और असली पैसे वाले कार्ड गेम शामिल हैं।
सांख्यिकी और कानूनी ढांचा
- लगभग 8,400 वेबसाइटों को ब्लॉक किया गया है, जिनमें से 4,900 वेबसाइटों को ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम लागू होने के बाद ब्लॉक किया गया है।
- ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम पिछले वर्ष अगस्त में पारित किया गया था और 1 अक्टूबर, 2025 से लागू हुआ।
- इससे पहले जनवरी में ही सरकार ने 242 अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया था।
कानून और दंड
ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक 2025 के अंतर्गत:
- सभी प्रकार के धन-आधारित खेल, चाहे वे कौशल पर आधारित हों या संयोग पर, प्रतिबंधित हैं।
- खिलाड़ियों को दंड से छूट दी गई है, लेकिन:
- इस तरह के खेलों की पेशकश या प्रचार करने वाले व्यक्तियों को तीन साल तक की कैद और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
- ऐसे प्लेटफार्मों का विज्ञापन करने पर दो साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
नियामक उपाय
- इस प्रतिबंध की निगरानी और प्रवर्तन के लिए एक विशेष प्राधिकरण की स्थापना की गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी वास्तविक धन वाले खेल संचालित न हों।
- PUBG और Free Fire जैसे फ्री-टू-प्ले गेम प्रभावित नहीं होंगे, इसलिए इन्फ्लुएंसर और सेलिब्रिटी उनका प्रचार कर सकते हैं।