विश्व स्वास्थ्य संगठन (WMO) द्वारा जलवायु स्थिति रिपोर्ट
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की नवीनतम जलवायु स्थिति रिपोर्ट में पिछले दशक में वैश्विक जलवायु पैटर्न के संबंध में महत्वपूर्ण निष्कर्षों का खुलासा हुआ है।
मुख्य निष्कर्ष
- पिछला दशक अब तक का सबसे गर्म दशक रहा है।
- वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर अब औद्योगिक क्रांति से पहले के स्तर से लगभग 50% अधिक है, जो पिछले 20 लाख वर्षों में सबसे अधिक सांद्रता को दर्शाता है।
- मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड का स्तर पिछले कम से कम 800,000 वर्षों में अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया है।
ऊर्जा और उत्सर्जन
- हालांकि 2025 तक नवीकरणीय ऊर्जा कोयले को पीछे छोड़कर बिजली का मुख्य स्रोत बन जाएगी, फिर भी वैश्विक उत्सर्जन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा।
- स्वच्छ ऊर्जा में हुई वृद्धि वैश्विक ऊर्जा खपत की मांग के अनुरूप नहीं रही है।
पृथ्वी के ऊर्जा संतुलन पर प्रभाव
- ग्रीनहाउस गैसों (GHG) के रिकॉर्ड स्तर ने पृथ्वी के ऊर्जा संतुलन को बिगाड़ दिया है।
- पिछले छह दशकों में काफी मात्रा में ऊष्मा अधिशेष जमा हो गया है।
- महासागर, जो बड़ी मात्रा में ऊष्मा संग्रहित करते हैं, अतिरिक्त फंसी हुई ऊर्जा के मुख्य भंडार बन गए हैं।
परिणाम और चुनौतियाँ
- महासागरों के गर्म होने से उष्णकटिबंधीय तूफानों की तीव्रता बढ़ जाती है।
- बर्फ पिघलने से समुद्र का स्तर बढ़ता है और पृथ्वी की सौर विकिरण को परावर्तित करने की क्षमता कम हो जाती है।
- अधिक लचीले बुनियादी ढांचे , मजबूत प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों और कमजोर आबादी के लिए सुरक्षा की आवश्यकता है।
नीतिगत सिफारिशें
- ऊर्जा असंतुलन दशकों तक बना रह सकता है, जिसके लिए निवेश और अनुसंधान को निर्देशित करने हेतु दीर्घकालिक, स्थिर नीतियों की आवश्यकता होगी।
- सरकारों और राजनीतिक नेताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जलवायु नीतियां अल्पकालिक राजनीतिक एजेंडों से अप्रभावित रहें ।