यह निष्कर्ष WMO द्वारा विश्व मौसम विज्ञान दिवस के अवसर पर जारी 'वैश्विक जलवायु की स्थिति 2025' (State of the Global Climate 2025) रिपोर्ट का हिस्सा है।
- विश्व मौसम विज्ञान दिवस 23 मार्च को मनाया जाता है। इस वर्ष इस दिवस की थीम थी-आज का अवलोकन, कल की सुरक्षा (Observing Today, Protecting Tomorrow)।
- इस रिपोर्ट में पहली बार पृथ्वी के ऊर्जा असंतुलन (Earth’s Energy Imbalance—EEI) को प्रमुख जलवायु संकेतकों में शामिल किया गया।
पृथ्वी के ऊर्जा असंतुलन (EEI) के बारे में
- यह पृथ्वी द्वारा सूर्य से प्राप्त ऊर्जा की मात्रा (आने वाले सौर विकिरण - परावर्तित सौर विकिरण) और पृथ्वी द्वारा अंतरिक्ष में वापस छोड़ी जाने वाली ऊर्जा की मात्रा (जाने वाले दीर्घ-तरंग विकिरण) के बीच का अंतर है।
- “धनात्मक” EEI: पृथ्वी ऊर्जा प्राप्त कर रही है और गर्म हो रही है
- “ऋणात्मक” EEI: पृथ्वी ऊर्जा खो रही है और ठंडी हो रही है
- EEI जलवायु प्रणाली में मानवजनित ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन के कारण ऊष्मा संचय की दर को मापता है और वैश्विक तापवृद्धि (वार्मिंग) की समग्र तस्वीर प्रस्तुत करता है।
- पृथ्वी के ऊर्जा असंतुलन में वृद्धि के कारण:
- ग्रीनहाउस गैसों की बढ़ती सांद्रता,
- एरोसोल उत्सर्जन में कमी,
- ट्रेस गैसों और जलवाष्प में वृद्धि (जिससे दीर्घ-तरंग विकिरण का उत्सर्जन घटता है),
- बादलों और समुद्री बर्फ द्वारा परावर्तन में कमी।

रिपोर्ट के अन्य प्रमुख बिंदु
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