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अनसीखे सबक: बिहार के नालंदा में हुई भगदड़ पर

04 Apr 2026

भारत में भीड़ प्रबंधन और भगदड़

भारत में हाल की घटनाओं ने भीड़ प्रबंधन की एक अनसुलझी समस्या को उजागर किया है, जैसा कि बिहार के नालंदा जिले में शीतला माता मंदिर में हुई दुखद भगदड़ से स्पष्ट होता है। कई भगदड़ों का सामना करने के बावजूद, भारत प्रभावी भीड़ नियंत्रण उपायों को लागू करने में लगातार संघर्ष कर रहा है।

घटना का संक्षिप्त विवरण

  • घटना: शीतला माता मंदिर, नालन्दा, बिहार में भगदड़।
  • हताहतों की संख्या: नौ मृतक, जिनमें आठ महिलाएं शामिल हैं, और एक दर्जन घायल।
  • कारण: आमतौर पर कम भीड़ वाले धार्मिक दिन के दौरान अचानक 10,000 से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन।
  • पुलिस की अनुपस्थिति: नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में व्यस्तता के कारण, जिसमें राष्ट्रपति भी उपस्थित थे।
  • भ्रष्टाचार: आरोप है कि पुजारियों ने रिश्वत देने वालों को निकास द्वार से निकलने दिया, जिससे भीड़भाड़ हो गई।

समस्या का विश्लेषण

  • टाले जा सकने वाले हादसे: भीड़ के उचित प्रबंधन से इस तरह की भगदड़ को रोका जा सकता है।
  • विदेशों से सीख: विभिन्न देशों ने भीड़भाड़ वाले स्थानों में आपदा की स्थितियों का अध्ययन किया है और निवारक उपाय लागू किए हैं।
  • ऐतिहासिक संदर्भ: जून 2025 में बेंगलुरु में आरसीबी की जीत के जश्न का संदर्भ, जिसमें इसी तरह की समस्याएं सामने आई थीं।

भीड़ विज्ञान और प्रबंधन

  • शैक्षणिक अनुशासन: भीड़ विज्ञान एक सुस्पष्ट क्षेत्र है, जो मुख्य रूप से नियोजित सभाओं पर केंद्रित है।
  • अनियोजित सभाएँ: भारत में आम तौर पर होने वाली सहज सभाओं के प्रबंधन पर साहित्य मौजूद है।
  • तकनीकें: मात्रात्मक और गुणात्मक विधियों का संयोजन।
    • मात्रात्मक: प्रति वर्ग मीटर पांच से अधिक लोगों के होने पर हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है।
    • गुणात्मक: व्यक्तिगत पहचान को सुदृढ़ करने के लिए दर्पणों का उपयोग।
  • भीड़ में नेतृत्व: धार्मिक सभाओं जैसी अभिव्यंजक भीड़ नेतृत्व और मार्गदर्शन पर प्रतिक्रिया देती है।

सिफारिशों

  • शिक्षा: भारत में भीड़ प्रबंधन एक गंभीर अकादमिक अध्ययन होना चाहिए।
  • कार्यान्वयन: निवारक उपायों की व्यापक जानकारी होनी चाहिए और उन्हें लागू किया जाना चाहिए।
  • व्यावहारिक प्रशिक्षण: औपचारिक शिक्षा और अनुभव साझा करने दोनों के माध्यम से भीड़ नियंत्रण में पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण पर जोर दें।

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आपदा प्रबंधन (Disaster Management)

प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं के प्रभाव को कम करने, प्रतिक्रिया देने और पुनर्प्राप्त करने की प्रक्रिया। इसमें निवारक उपाय, तैयारी, प्रतिक्रिया और पुनर्प्राप्ति शामिल है। UPSC के लिए एक महत्वपूर्ण विषय।

अभिव्यंजक भीड़ (Expressive Crowd)

एक ऐसी भीड़ जो आम तौर पर धार्मिक अनुष्ठानों या उत्सवों जैसी अभिव्यंजक गतिविधियों के लिए एकत्रित होती है, और जो नेतृत्व और मार्गदर्शन के प्रति अधिक प्रतिक्रियाशील हो सकती है।

गुणात्मक (Qualitative)

गुणवत्ता या प्रकृति से संबंधित। भीड़ प्रबंधन में, यह उन कारकों का अध्ययन करता है जिन्हें मापा नहीं जा सकता है, जैसे कि लोगों की भावनाओं, प्रतिक्रियाओं और व्यक्तिगत पहचान को सुदृढ़ करने के लिए दर्पणों का उपयोग जैसी रणनीतियाँ।

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