होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्धविराम और समुद्री तनाव
पृष्ठभूमि
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बावजूद, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव जारी है, जहां ईरानी सेना व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रही है।
घटना का विवरण
- ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की।
- गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह की ओर जा रहे कंटेनर जहाज एपामिनोंडास को निशाना बनाया गया।
- हम्बनटोटा जा रहे जहाज MSC फ्रांसेस्का और जेद्दा जा रहे जहाज यूफोरिया पर भी हमला हुआ।
- एपामिनोंडास और MSC फ्रांसेस्का जहाजों को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने जब्त कर लिया था।
- ये हमले अमेरिकी कार्रवाई के बाद हुए, जिसमें अमेरिका ने नाकाबंदी को दरकिनार करने की कोशिश कर रहे ईरानी तेल टैंकरों को जब्त कर लिया था।
समुद्री यातायात पर प्रभाव
- होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण चोकपॉइंट है, जो वैश्विक तेल और LNG प्रवाह के पांचवें हिस्से के लिए जिम्मेदार है।
- संघर्षों के कारण जलडमरूमध्य के बंद होने से ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि हुई है और वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में कमी आई है।
- ईरान द्वारा जलडमरूमध्य की पहुंच की स्थिति में अचानक किए गए बदलावों के कारण जहाजों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
- इस जलमार्ग पर प्रतिदिन केवल कुछ ही जहाज चल रहे हैं, जिसके लिए ईरानी सेनाओं के साथ समन्वय की आवश्यकता होती है।
जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व
ईरान जलडमरूमध्य के माध्यम से व्यापार और ऊर्जा प्रवाह को बाधित करने की अपनी क्षमता का उपयोग पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष में सौदेबाजी के हथियार के रूप में करता है।