भारत-इटली रक्षा सहयोग
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने इतालवी समकक्ष गुइडो क्रोसेटो से मुलाकात कर 2026-27 के लिए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना का आदान-प्रदान किया। इस योजना में दोनों देशों की रक्षा बलों के बीच भविष्य के सैन्य सहयोग की रूपरेखा दी गई है।
बैठक के मुख्य बिंदु
- सिंह ने पाकिस्तान को संवेदनशील रक्षा प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण के संबंध में भारत की चिंताओं को व्यक्त किया।
- बैठक में शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और पारस्परिक सम्मान के साझा मूल्यों पर आधारित रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया गया।
- दोनों मंत्रियों ने भारत की आत्मनिर्भर भारत पहल और इटली के रक्षा सहयोग कार्यक्रमों के तहत रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के अवसरों का पता लगाया।
- गुरुग्राम स्थित सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र के माध्यम से समुद्री मुद्दों और सूचना आदान-प्रदान पर हुए अभिसरण पर प्रकाश डाला गया, जो 50 देशों से जुड़ा हुआ है।
भारतीय रक्षा बाजार में इटली की पुनः प्रविष्टि
इटली के रक्षा मंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब इटली भारतीय रक्षा बाजार में फिर से प्रवेश करने का लक्ष्य बना रहा है। फरवरी में, एक व्यापक हेलीकॉप्टर निर्माण प्रणाली स्थापित करने के लिए इटली की प्रमुख रक्षा कंपनी लियोनार्डो और अदानी समूह के बीच साझेदारी हुई थी।
- यह साझेदारी लियोनार्डो के उन्नत हेलीकॉप्टरों ( AW169M और AW109 ट्रेकरM ) के उत्पादन, चरणबद्ध स्वदेशीकरण, एमआरओ क्षमताओं और पायलट प्रशिक्षण अवसंरचना का समर्थन करती है।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे
सिंह और क्रोसेटो ने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
- रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अक्टूबर 2023 में सिंह की रोम यात्रा के बाद भारत-इटली के रक्षा सहयोग को गति मिली है।
- क्रोसेटो ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल से भी मुलाकात की, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों , विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संवाद को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- समुद्री सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता और ऊर्जा एवं वाणिज्यिक मार्गों की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया गया।