नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकता नियमों में संशोधन पेश किए हैं, जिनका उद्देश्य डिजिटल एकीकरण और सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं के माध्यम से प्रवासी भारतीय (OCI) ढांचे का आधुनिकीकरण करना है।
नए नियमों की प्रमुख विशेषताएं
- e-OCI कार्ड:
इलेक्ट्रॉनिक OCI (e-OCI) कार्डों की शुरुआत से विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए कागज रहित पहचान सत्यापन की ओर संक्रमण संभव हो सकेगा। - ऑनलाइन आवेदन:
सभी आवेदनों को ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य है, जिससे भौतिक रूप से जमा करने और कागजी कार्रवाई की पुनरावृत्ति की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। - बायोमेट्रिक डेटा एकीकरण:
आवेदकों को भविष्य में पंजीकरण और त्वरित आव्रजन कार्यक्रमों में संभावित स्वचालित नामांकन की सुविधा के लिए बायोमेट्रिक डेटा साझा करने की सहमति देनी होगी।
विशिष्ट परिवर्तन और प्रावधान
- नाबालिग पासपोर्ट संबंधी प्रावधान:
भारतीय पासपोर्ट धारक नाबालिगों को अन्य देशों के पासपोर्ट एक साथ रखने की अनुमति नहीं है, जिससे दोहरी नागरिकता संबंधी चिंताओं का समाधान हो सके। - OCI पंजीकरण प्रक्रिया:
OCI कार्डधारक पंजीकरण के लिए आवेदन फॉर्म XXVIII में इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया सरल हो जाएगी। - केंद्रीकृत इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्री:
OCI धारकों के लिए एक केंद्रीय रजिस्ट्री स्थापित की गई है ताकि डिजिटल रिकॉर्ड बनाए रखा जा सके और रद्द करने/त्यागने की प्रक्रियाओं की देखरेख की जा सके। - त्याग एवं निरस्तीकरण:
अब सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह से ऑनलाइन हैं, जिसके लिए फॉर्म XXXI को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा करना और डिजिटल पावती के लिए भौतिक कार्ड जमा करना आवश्यक है।
कार्यान्वयन और अनुपालन
ये संशोधन आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी हैं, और इनका कड़ाई से पालन करना आवश्यक है ताकि गैर-अनुपालन के कारण OCI कार्ड अमान्य न हो जाएं।
निष्कर्ष
इन सुधारों का उद्देश्य व्यापक डिजिटल शासन पहलों के अनुरूप, OCI स्थिति के प्रबंधन में दक्षता, सुरक्षा और स्पष्टता को बढ़ाना है।