भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) योजना अवलोकन
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 18 मार्च को अनुमोदित भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) के अंतर्गत 33,660 करोड़ रुपये के कुल बजट के साथ पूरे भारत में प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्कों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस योजना का उद्देश्य 2026-27 से 2031-32 तक 100 औद्योगिक पार्क स्थापित करना है।
आवेदन प्रक्रिया
- राज्य 1 जून से आवेदन जमा करना शुरू कर सकते हैं।
- पहले चरण में चयन के दो दौर होंगे, जिनमें अधिकतम 50 प्रस्तावों का चयन किया जाएगा।
- पहला दौर:
- रिलीज की तारीख: 1 जून, 2026
- अंतिम तिथि: 31 जुलाई, 2026
- अधिकतम 20 प्रस्तावों का चयन किया जा सकता है।
- दूसरा दौर:
- रिलीज की तारीख: 1 अगस्त, 2026
- अंतिम तिथि: 30 सितंबर, 2026
- पहले दौर में अस्वीकृत प्रस्तावों को सुधारों के साथ दोबारा प्रस्तुत किया जा सकता है।
उद्देश्य और आवश्यकताएँ
इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य निवेश के लिए तैयार, विश्व स्तरीय औद्योगिक अवसंरचना का निर्माण करना है ताकि देश में निवेश को सुगम बनाया जा सके और विनिर्माण क्षमता को बढ़ाया जा सके।
- गैर-पहाड़ी राज्यों में: विकास के लिए कम से कम 100 एकड़ की निरंतर भूमि की आवश्यकता होती है।
- पहाड़ी राज्य, पूर्वोत्तर क्षेत्र, यूटा राज्य और छोटे राज्य: इनके लिए कम से कम 25 एकड़ की निरंतर भूमि की आवश्यकता होती है।
- बड़े पार्क: अधिकतम 20 पार्कों का क्षेत्रफल 500 से 1000 एकड़ के बीच हो सकता है, जिसमें 1000 एकड़ के लिए वित्त पोषण की सीमा निर्धारित है।
भूमि एवं प्रस्ताव मूल्यांकन
- राज्य सरकार, निजी विकासकर्ताओं या केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के साथ संयुक्त रूप से भूमि उपलब्ध कराई जा सकती है।
- प्रस्तावों का मूल्यांकन निम्नलिखित आधारों पर किया जाएगा:
- मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी
- स्थल की उपयुक्तता
- मूलभूत, मूल्यवर्धित और सामाजिक अवसंरचना की गुणवत्ता
- औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र
- नीति प्रवर्तक