ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार 2026
ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार (NAEG) 2026 का उद्देश्य डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देना है। विभिन्न श्रेणियों में कुल 17 परियोजनाओं या पहलों का चयन किया गया है।
मान्यता श्रेणियाँ
- ग्राम पंचायतें: डिजिटलीकरण के माध्यम से जमीनी स्तर पर सेवा वितरण को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करती हैं।
- सरकारी प्रक्रिया पुनर्गठन: डिजिटल परिवर्तन के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करता है।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई प्रौद्योगिकियों के साथ नवाचार: इसका उद्देश्य नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करना है।
- साइबर सुरक्षा नवाचार: इस क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं और नवाचारों को मान्यता देता है।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म में डेटा एनालिटिक्स: केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में डिजिटल परिवर्तन सुनिश्चित करता है।
प्रमुख परियोजनाएं
- एग्री स्टैक: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की एक परियोजना।
- महाकुंभ 2025: उत्तर प्रदेश में प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा शुरू किया गया।
- ब्लड बैग ट्रेसिबिलिटी और नागरिक संपर्क पोर्टल: केरल विकास और नवाचार रणनीतिक परिषद (K-DISC) द्वारा सुरक्षित और स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देता है।
- त्रिनेत्रा: महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट द्वारा विकसित एक AI-आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली।
- पंचायत उन्नति सूचकांक: पंचायती राज मंत्रालय की एक डेटा-आधारित शासन पहल।
पुरस्कार समारोह
पुरस्कार समारोह का आयोजन राजस्थान के जयपुर में होने वाले 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के हिस्से के रूप में किया जाएगा।
पुरस्कार और प्रोत्साहन
- स्वर्ण पुरस्कार विजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र और 10 लाख रुपये का प्रोत्साहन राशि प्राप्त होगी।
- रजत पदक विजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और 5 लाख रुपये का प्रोत्साहन राशि प्राप्त होगी।
इन प्रोत्साहनों का उद्देश्य परियोजनाओं के कार्यान्वयन में या सार्वजनिक कल्याण क्षेत्रों में संसाधनों की कमी को पूरा करने के लिए उपयोग करना है।