भारत-रूस औद्योगिक साझेदारी का विस्तार
मॉस्को में भारत के राजदूत विनय कुमार ने 'मेक इन रूस फॉर इंडिया' नामक रणनीतिक दृष्टिकोण पर जोर दिया। इस पहल का उद्देश्य उर्वरक, महत्वपूर्ण खनिज और खनन सहित कई क्षेत्रों में भारत और रूस के बीच औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करना है।
प्रमुख क्षेत्र और पहलें
- उर्वरक:
- भारत और रूस रूस में एक संयुक्त उद्यम यूरिया संयंत्र पर सहयोग कर रहे हैं।
- यह संयंत्र प्रतिवर्ष 20 लाख टन यूरिया का उत्पादन करेगा, जिसका पूरा उत्पादन भारत को निर्यात किया जाएगा।
- रूस भारत को उर्वरक की आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा देश बन गया है।
- खनिज संसाधन और महत्वपूर्ण सामग्रियां:
- भारत के लिए एक स्थायी निर्यात बाजार तैयार करने के उद्देश्य से संयुक्त उद्यमों के अवसर मौजूद हैं।
व्यापार और कार्यबल की गतिशीलता
- भारत और रूस अपने नेताओं द्वारा निर्धारित 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हैं।
- रूस में भारतीय कामगारों की संख्या बढ़कर 100,000 हो गई है, जो मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का संकेत है।
आपूर्ति श्रृंखला और डिजिटल प्रगति
- द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक ऐसे ढांचे की आवश्यकता है, जो जोखिम को कम करने और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करे।
- भारत का डिजिटल परिवर्तन उल्लेखनीय है, जहां यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस के माध्यम से प्रति माह 18 अरब से अधिक लेनदेन संसाधित होते हैं, जो इसे विश्व स्तर पर एक महत्वपूर्ण रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली के रूप में स्थापित करता है।